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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 18, 2024 09:02 PM

दलित ही नहीं, घोर आरक्षण विरोधी है भाजपा, हरियाणा सरकार के फैसले पर बरसीं मायावती

दलित ही नहीं, घोर आरक्षण विरोधी है भाजपा, हरियाणा सरकार के फैसले पर बरसीं मायावती

दलित ही नहीं, घोर आरक्षण विरोधी है भाजपा, हरियाणा सरकार के फैसले पर बरसीं मायावती

अनुसूचित जाति (एससी) के आरक्षण में वर्गीकरण लागू करने के हरियाणा सरकार के फैसले को बसपा प्रमुख मायावती ने दलित विरोधी बताया। भाजपा पर भड़कीं मायावती ने कहा, हरियाणा सरकार का फैसला दलितों को फिर से बांटने और आपस में ही लड़ाते रहने का षड़यंत्र है।उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि हरियाणा की नई भाजपा सरकार द्वारा एससी समाज के आरक्षण में वर्गीकरण को लागू करने मतलब आरक्षण कोटे के अंदर कोटे की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला है। उन्होंने का कि यह दलित विरोधी ही नहीं बल्कि घोर आरक्षण विरोधी निर्णय है।मायावती ने कहा कि हरियाणा सरकार को ऐसा करने से रोकने के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के आगे नहीं आने से भी यह साबित होता है कि कांग्रेस की तरह भाजपा भी आरक्षण को पहले निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाने और अंततः इसे समाप्त करने के षड्यंत्र में लगी है, जो घोर अनुचित है। उन्होंने कहा कि बसपा इसकी घोर विरोधी है। बसपा प्रमुख ने कहा, वास्तव में जातिवादी पार्टियों द्वारा एससी-एसटी व ओबीसी समाज में 'फूट डालो-राज करो' व इनके आरक्षण विरोधी षड़यंत्र आदि के विरुद्ध संघर्ष का ही नाम बसपा है। इन वर्गों को संगठित व एकजुट करके उन्हें शासक वर्ग बनाने का हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हरियाणा, उच्चतम न्यायालय के उस निर्णय को ''आज ही'' लागू कर देगा, जिसमें आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का राज्यों को अधिकार दिया गया है।

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