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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Aug 30, 2024 08:00 PM

जज बोले- मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत, 1984 के सिख दंगों से जुड़ा है मामला

जज बोले- मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत, 1984 के सिख दंगों से जुड़ा है मामला

जज बोले- मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत, 1984 के सिख दंगों से जुड़ा है मामला

अदालत ने शुक्रवार को सीबीआई को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा जगदीश टाइटलर के खिलाफ हत्या, दंगा, हत्या के लिए उकसाने इत्यादि आरोप में मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य है।पुल बंगश इलाके में हुए दंगो में तीन लोगों की मौत हो गई थी।
इन धाराओं के तहत ठहराया आरोपी
राउज एवन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल ने टाइटलर को आईपीसी की धारा 143 (अवैध रूप से एकत्र होना), 147 (दंगा करना), 153ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से जारी आदेश की अवज्ञा करना), 295 (पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना), 436 (घर को नष्ट करने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ से उत्पात मचाना), 451 (घर में घुसना), 380 (घर में चोरी करना), 149 (साझा उद्देश्य), 302 (हत्या) और 109 (उकसाना) के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है। के लिए अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा।
कोर्ट में पेश होंगे टाइटलर
अदालत ने टाइटलर को पेश होने का निर्देश देते हुए सुनवाई 13 सितंबर को तय की है। अदालत ने हाल ही में टाइटलर को धारा 148 (घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना) के तहत आरोप मुक्त कर दिया है। यह मामला बादल सिंह, सरदार ठाकुर सिंह और गुरबचन सिंह की जलाकर हत्या और 1 नवंबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के एक दिन बाद पुल बंगश गुरुद्वारा में आग लगाने से संबंधित है। दिल्ली पुलिस ने उसी दिन मामला दर्ज किया था।
2005 में नए सिरे से दर्ज हुआ मामला
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नानावटी आयोग की सिफारिशों पर नवंबर 2005 में नए सिरे से मामला दर्ज किया, जिसका गठन 2000 में किया गया था और जिसने पांच साल बाद अपनी रिपोर्ट पेश की थी। ट्रायल कोर्ट ने पिछले साल 26 जुलाई को मामले में दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लिया और टाइटलर को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया। टाइटलर ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
अभी जमानत पर बाहर हैं टाइटलर
पिछले साल अगस्त में सत्र अदालत ने मामले में टाइटलर को अग्रिम जमानत दे दी थी। अदालत ने उन्हें 1 लाख के निजी मुचलके और उसी राशि की जमानत दी थी। चार्जशीट में कहा गया है कि सीबीआई ने छह गवाहों की गवाही के आधार पर अपराध स्थल पर टाइटलर की मौजूदगी की पुष्टि की, जिनमें से चार ने उन्हें भीड़ को उकसाते हुए देखा। सीबीआई मई 2023 में दायर अपनी चार्जशीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री टाइटलर पर 1 नवंबर, 1984 को पुल बंगश गुरुद्वारे के पास एकत्रित हुई भीड़ को दंगा करने के लिए उकसाने, भड़काने का आरोप लगाया था।
गवाहों के बयान से फंसे जगदीश टाइटलर
आरोपपत्र में कहा गया है कि एक गवाह ने आरोप लगाया गया था कि टाइटलर गुरुद्वारे के सामने एक सफेद एंबेसडर कार से उतरे और चिल्लाते हुए भीड़ को उकसाया कि सिखों को मार डालो, उन्होंने हमारी माँ की हत्या की है! प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा पिछले दिन की गई हत्या से पहले से ही गुस्साई भीड़ ने तीन लोगों की हत्या कर दी।
1984 में हुई थी इंदिरा गांधी की हत्या
अधिकांश गवाहों ने कहा कि वे यह सुनने में विफल रहे कि टाइटलर ने भीड़ से क्या कहा, लेकिन उन्होंने उसे कार से उतरते और भाषण देते हुए देखा, जिससे उत्पात मच गया। यह मामला 1984 में गुरुद्वारा पुल बंगश के पास तीन सिखों की हत्या और धार्मिक स्थल में आगजनी से संबंधित है। यह घटना तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुई थी।

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