होम पहले हिजाब पर लगाया प्रतिबंध, अब इस कॉलेज ने छात्रों को टी-शर्ट और फटी जींस पहनने से रोका

समाचारदेश Alert Star Digital Team Jul 2, 2024 08:29 PM

पहले हिजाब पर लगाया प्रतिबंध, अब इस कॉलेज ने छात्रों को टी-शर्ट और फटी जींस पहनने से रोका

पहले हिजाब पर लगाया प्रतिबंध, अब इस कॉलेज ने छात्रों को टी-शर्ट और फटी जींस पहनने से रोका

पहले हिजाब पर लगाया प्रतिबंध, अब इस कॉलेज ने छात्रों को टी-शर्ट और फटी जींस पहनने से रोका

मुंबई के एक कॉलेज ने छात्रों के फटी जींस, टी-शर्ट, गरिमाहीन कपड़े और जर्सी जैसे कपड़े पहनने पर रोक लगा दी है। इसे लेकर धर्म या सांस्कृतिक असमानता का हवाला दिया गया है। मालूम हो कि इसी कॉलेज ने पहले हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया था।

चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी के एन जी आचार्य और डी के मराठे कॉलेज ने 27 जून को ताजा नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि छात्रों को परिसर में औपचारिक और शालीन पोशाक पहननी चाहिए। नोटिस में कहा गया कि छात्र आधी या पूरी बाजू की कमीज और पेंट पहन सकते हैं। इसमें कहा गया कि लड़कियां कोई भी भारतीय या पश्चिमी पोशाक पहन सकती हैं।

बंबई हाई कोर्ट ने 26 जून को कॉलेज की ओर से हिजाब, बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा कि ऐसे नियम छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते हैं। कॉलेज के ताजा नोटिस में कहा गया, ‘छात्र कोई भी ऐसा परिधान नहीं पहनें जिससे धर्म या सांस्कृतिक असमानता का पता चले। नकाब, हिजाब, बुर्का, स्टोल, टोपी आदि को भूतल पर बने कॉमन रूम में जाकर उतारना होगा। इसके बाद ही छात्र पूरे कॉलेज परिसर में घूम सकेंगे।’

'अनुशासन ही सफलता की कुंजी'
चेंबूर स्थित इस कॉलेज में शिवाजी नगर, गोवंडी और मानखुर्द इलाकों के मुस्लिम समुदाय के कई छात्र पढ़ते हैं। नोटिस में यह भी कहा गया कि 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इसमें कहा गया, ‘अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।’ कॉलेज संचालन परिषद के महासचिव सुबोध आचार्य ने इस साल की शुरुआत में संस्थान की ओर से जारी परिपत्र का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज की ओर से नए निर्देशों के साथ कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘यह कोई नया नोटिस नहीं है। हम छात्रों से केवल ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कह रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि वे भड़काऊ कपड़े न पहनें। हम छात्रों से साड़ी या किसी विशेष रंग की पोशाक पहनने के लिए भी नहीं कह रहे।’

'धर्म का पालन करना मौलिक अधिकार'
कॉलेज की प्रधानाचार्य विद्यागौरी लेले ने कहा, ‘छात्र हिजाब या बुर्का पहनकर कॉलेज आ सकते हैं। कॉलेज के कॉमन रूम में इसे बदल सकते हैं और फिर अपना काम कर सकते हैं।’ छात्राओं ने इस महीने की शुरुआत में हाई कोर्ट का रुख कर कॉलेज की ओर से जारी उस निर्देश को चुनौती दी थी, जिसमें हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी पहनने और किसी भी तरह का बिल्ला लगाने पर प्रतिबंध लगाने वाले ड्रेस कोड को लागू किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि यह नियम उनके धर्म का पालन करने के मौलिक अधिकार, निजता के अधिकार और पसंद के अधिकार का उल्लंघन करता है। अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ड्रेस कोड का उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना है, जो शैक्षणिक संस्थान की स्थापना और प्रशासन के लिए कॉलेज के मौलिक अधिकार का हिस्सा है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)