होम हमास से 50 के बदले 150 वाला समझौता, कैसे राजी हो गया इजरायल; PM मोदी ने भी जताई खुशी
हमास से 50 के बदले 150 वाला समझौता, कैसे राजी हो गया इजरायल; PM मोदी ने भी जताई खुशी
इजरायल और हमास के बीच बहुप्रतीक्षित युद्ध विराम पर सहमति बन गई है। इसका रूस, अमेरिका समेत दुनिया के सभी बड़े देशों ने स्वागत किया है। इस बीच हमास के नेता मूसा अबू मरजौक का कहना है कि यह युद्ध विराम गुरुवार को सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
इस युद्ध विराम की संधि के तहत इजरायल ने 300 फिलिस्तीनी कैदियों की लिस्ट जारी की है। इनमें से 150 लोगों को पहले राउंड में रिहा किया जाएगा। इसके बदले में हमास 50 इजरायली बंधकों को रिहा करेगा। इजरायल का कानून मंत्रालय ने 22 नवंबर को ही इन कैदियों की लिस्ट जारी की है।
इस समझौते की पीएम नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह समझौता खुशी की बात है। हमें उम्मीद है कि अन्य बचे हुए बंधक भी जल्द बाहर आएंगे। यह अच्छी बात है कि दुनिया के देश मिलकर फैसले ले रहे हैं और सकारात्मक परिणाम भी आ रहे हैं। यही नहीं इन लोगों को 24 घंटे के अंदर रिहा किया जाएगा। इसके लिए कानून मंत्रालय अदालत में अपील करेगा।
जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों में यह सीजफायर 4 दिनों के लिए हुआ है। इसी दौरान दोनों तरफ से बंधकों और कैदियों को रिहा किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि इससे गाजा के पीड़ितों को मदद पहुंचाने में भी सुविधा रहेगी। इजरायल ने जिन 300 फिलिस्तीनी कैदियों की लिस्ट जारी की है, उनमें से 287 लोग तो 18 साल से भी कम उम्र के लोग हैं। इसके अलावा 13 कैदी वे महिलाएं हैं, जिन्हें चाकूबाजी के आरोपों में पकड़ा गया है।
पहले चरण में इजरायल 150 कैदियों को रिहा करेगा। इसके बदले में हमास भी इजरायल के 50 बंधकों को छोड़ेगा। इसके बाद यदि हमास 50 और बंधकों को छोड़ने पर राजी होगा तो इजरायल भी बाकी बचे 150 लोगों को रिहा कर सकता है। दूसरे चरण में हर 10 कैदी की रिहाई के पर एक दिन का युद्ध विराम बढ़ेगा। गौरतलब है कि इस युद्ध विराम की रूस ने भी सराहना की है और कहा कि लंबे समय के बाद एक अच्छी खबर आई है। खबर है कि इस समझौते में अमेरिका और कतर की अहम भूमिका थी।
हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इस अटैक के बाद से ही इजरायल लगातार गाजा पर अटैक कर रहा था। इन हमलों में अब तक 13 हजार लोग मारे जा चुके हैं। यह जंग इतनी भीषण है कि 10 लाख से ज्यादा लोगों को गाजा से पलायन तक करना पड़ा है।
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