होम जम्मू कश्मीर में बेहतर हुए हालात, आतंकी घटनाओं में आई 40 फीसदी की कमी
जम्मू कश्मीर में बेहतर हुए हालात, आतंकी घटनाओं में आई 40 फीसदी की कमी
नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में हालात लगातार बेहतर होते जा रहे हैं इसका अन्दाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल आतंकी घटनाओं में 40 फीसदी की कमी आयी है. ये जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में आतंक के लगातार पस्त होते हौसले का संकेत है. लेकिन चिंता की बात ये है कि अब आतंक के एपिसेंटर के तौर पर श्रीनगर ने साउथ कश्मीर की जगह ले ली है.
आंकड़ों के मुताबिक जम्मू कश्मीर में इस साल अब तक रिपोर्टेड 75 आतंकी घटनाओं में से 17 श्रीनगर में घटी है जो कि पूरे जम्मू कश्मीर में घटी घटना का 21 फीसदी है. पिछले साल यानि 2020 में ये आंकड़ा 5 फीसदी और उससे पहले 2019 में 6 फीसदी था. साउथ कश्मीर के इलाकों में अगर इस साल अब तक आतंकी घटनाओं के आंकड़े देखें तो पुलवामा- 8, अनंतनाग-8,शोपियां-2, कुलगाम-1 साफ है कि साउथ कश्मीर के किसी भी इलाके से श्रीनगर में ज्यादा आतंकी घटनाएं हुई है.
श्रीनगर में 8 सुरक्षाबल हुए शहीद
इसके अलावा कश्मीर घाटी में इस साल शहीद हुए 15 सुरक्षा बलों में से 8 श्रीनगर में शहीद हुए. जबकि जून तक घाटी में बरामद 8 IED में से तीन श्रीनगर में बरामद किए गए है. अभी भी श्रीनगर में 8-10 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है. खुफ़िया सूत्रों के मुताबिक श्रीनगर में हिंसा की इन घटनाओं के पीछे लश्कर के शैडो आतंकी संगठन TRF का हाथ है.
इसके कमांडर अब्बास शेख के श्रीनगर में कई मौकों पर देखे जाने की भी खबर आई है. अब्बास शेख ने श्रीनगर और उसके आस-पास के इलाकों में कई आतंक के कैडर्स तैयार किए हैं और साथ ही ओवर ग्राउंड वर्कर्स का मजबूत नेटवर्क भी तैयार कर लिया है. जम्मू कश्मीर ने टॉप 10 आतंकियों की हिट लिस्ट तैयार की है,उसमे में अब्बास शेख का नाम है.
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।