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भारत और चीन पैंगॉन्ग के बाद अब पूर्वी लद्दाख के गोगरा हाइट्स क्षेत्र से सेना हटाने पर राजी
भारत और चीन के बीच गतिरोध खत्म करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। दोनों देश पूर्वी लद्दाख के गोगरा हाइट्स क्षेत्र, जिससे पीपी 17 ए के नाम से जाना जाता है से अपनी सेना हटाने पर राजी हो गए हैं। भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की बैठक का 12वां दौर भारत की ओर चुशुल-मोल्डो सीमा मिलन स्थल पर आयोजित किया गया था। उसी बैठक में यह सुलह का रास्ता निकला है। गोगरा हाइट्स क्षेत्र में दोनों देशों की सेना पिछले साल मई से ही आमने-सामने है।
Troops of India, China to disengage from Gogra, talks for further disengagements to continue
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भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी गतिरोध खत्म होते दिखाई दे रहे हैं। मोल्डो में कमांडर स्तर की वार्ता से सुलह की एक राह निकली है। भारत और चीन पूर्वी लद्दाख के गोगरा हाइट्स क्षेत्र से अपनी सेना हटाने पर राजी हो गए हैं।
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चुशुल-मोल्डो में पिछले शनिवार को करीब नौ घंटे तक चली इस बातचीत में भारत ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि दोनों देशों के लिए शांति बनाए रखने के लिए चीन देपसांग, गोगरा और हाटस्पि्रंग से अपने सैनिकों को तुरंत वापस बुलाए और सैन्य साजो सामान हटाए। दोनों देशों ने 2 अगस्त को एक संयुक्त बयान जारी किया था।
पैंगॉन्ग झील इलाके से फरवरी महीने में दोनों देशों की सेना हटाई गई थी, उसके बाद से गोगरा हाइट्स इलाके से सेना हटाने का मसला लंबित था। इसे लेकर दोनों देश की सेना में सहमति नहीं बन पा रही थी। सूत्रों की मानें तो दोनों देशों के बीच बनी इस सहमति पर कार्रवाई भी जल्द ही शुरू हो सकती है। दोनों देशों की सेना जल्द ही गोगरा हाइट्स से हट सकती है।
दोनों देशों के बीच यह वार्ता 14 जुलाई को दुशांबे में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की मुलाकात और 25 जून को भारत-चीन सीमा मामलों (डब्लूएमसीसी) पर परामर्श और समन्वय तंत्र की बैठक के बाद हुई। इस बैठक में भारत और चीन ने एलएसी के पश्चिमी सेक्टर के उन इलाकों से सेना हटाने को लेकर गतिरोध वाले क्षेत्रों को लेकर चर्चा किया।
भारत और चीन ने इन क्षेत्रों में गतिरोध के समाधान से जुड़े विचारों का स्पष्ट और गहन आदान-प्रदान किया। दोनों पक्षों ने बैठक को रचनात्मक बताया और कहा कि इससे आपसी समझ और बढ़ी है। दोनों देशों के अधिकारी मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुसार, इस मामले को जल्द हल करने के लिए बातचीत को आगे भी बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। दोनों पक्षों ने सीमा (एलएसी) पर शांति बनाए रखने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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