होम चुनौती को अवसर में बदलना जरूरी : आरके सिंह
चुनौती को अवसर में बदलना जरूरी : आरके सिंह
नई दिल्ली। आईआईएसएसएम के 30वें कॉन्क्लेव के दूसरे दिन शनिवार को मुख्य अतिथि केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह ने कहा कि किसी भी चुनौती को अवसर में बदल कर ही हम उससे पार पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संकटकाल में देश और दुनिया के लिए सुरक्षा एक चुनौती बनकर उभरी है। इस चुनौती को अवसर में बदलकर ही हम इसे हरा सकते हैं। आरा के भाजपा सांसद आरके सिंह ने कहा कि पॉवर सिस्टम के बिना किसी आधारभूत संरचना की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। कोरोना काल में पॉवर सिस्टम को दुरुस्त रखना एक चुनौती थी, लेकिन हमारे विभाग ने अपनी मेहनत और लगन से इसे अवसर में बदल दिया।
केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय ने विगत कुछ वर्षों में 142 लाख ग्रिड लाइट को लगाया है, पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक, 372 लाख मेगावाट क्षमता के साथ अपने पड़ोसी देश को बिजली की आपूर्ति हम आज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के करीब 1000 गांव बिजली से नहीं जुड़े थे। इन गांवों के दो करोड़ से ऊपर घरों में हमने गत तीन वर्षों में बिजली पहुंचाया है। यह पूरी दुनिया में एक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि हम नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता का नतीजा है। 2030 में 40 प्रतिशत पॉवर नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त होगा। आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। हमारी अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट रही है, जिसका जीता-जागता उदाहरण है लगातार पॉवर की खपत का बढ़ना। सिंह ने कहा कि बिजली वितरण को सुचारू बनाए रखने के लिए गत चार वर्षों में पॉवर क्षेत्र में 1 लाख करोड़ का निवेश किया है।
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