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इमरान खान को बड़ा झटका, अभी ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान (Pakistan) को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) से बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान अभी ग्रे लिस्ट में ही रहेगा. दरअसल, इमरान खान (Imran Khan) एफएटीएफ के 27 लक्ष्यों में से छह का अनुपालन करने में असफल रहे हैं. जून 2018 में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था. उस समय पाकिस्तान को धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की 27 प्वाइंट्स की कार्य योजना को 2019 के अंत तक लागू करने का आदेश दिया गया था. हालांकि कोरोना वायरस को देखते हुए समय सीमा को बढ़ा दिया गया था.
इन आदेशों को पूरा नहीं कर पाया पाकिस्तान
ऐसा कहा जा रहा है कि जिन जनादेशों में पाकिस्तान विफल रहा है, उनमें जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) प्रमुख अजहर, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक सीड और संगठन के ऑपरेशनल कमांडर जहूर रहमान लखवी जैसे सभी संयुक्त राष्ट्र-नामित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है. एक अधिकारी ने कहा, एफएटीएफ ने इस तथ्य पर जोर दिया है कि उसके एंटी टेररिज्म एक्ट की अनुसूची IV के तहत 7,600 की मूल सूची से 4,000 से अधिक आतंकवादियों के नाम अचानक गायब हो गए थे. इन परिस्थितियों में, यह लगभग तय है कि पाकिस्तान FATF ग्रे सूची में ही रहेगा.
दुनिया के 4 देश नहीं है पाकिस्तान की कार्रवाई से संतुष्टदुनिया के 4 बड़े देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी भी इस्लामाबाद की अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता से संतुष्ट नहीं थे. पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखने का कारण हो सकता है.
पाकिस्तान की ओर से आतंकी संगठनों को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना जाना जारी: विदेश मंत्रालय
भारत ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान द्वारा आतंकी संगठनों और मसूद अजहर तथा जकीउर रहमान लखवी जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना जाना जारी है. विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि पाकिस्तान ने, आतंक के वित्त पोषण को रोकने के लिए 'फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स' (एफएटीएफ) द्वारा निर्देशित 27 कार्रवाई बिंदुओं में से 21 पर ही काम किया है.
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