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देश के डेढ़ करोड़ बच्चे नशे की गिरफ्त में, अफीम और कोकीन का भी कर रहे सेवन
बॉलीवुड में ड्रग कनेक्शन' की चल रही पड़ताल से इतर भारत सरकार के एक सर्वे में नशे से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है, जो चिंता बढ़ाने वाला है। देश में बच्चों में बढ़ती नशे की लत एक गंभीर समस्या बन चुकी है। भारत सरकार के इस सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि 10 से 17 वर्ष आयु समूह के लगभग 1.48 करोड़ बच्चे और किशोर अल्कोहल, अफीम, कोकीन, भांग सहित कई तरह के नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। दरअसल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने देश में नशीले पदार्थों के प्रयोग की सीमा और स्वरूप के संबंध में राज्यवार ब्योरा एकत्र करने के लिए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया था, जिसके परिणाम चौंकाने के साथ ही चिंता भी बढ़ाते हैं। यह सर्वे साल 2018 के आंकड़ों पर आधारित है। इस रिपोर्ट में विभिन्न नशीले पदार्थों का प्रयोग करने वाले 10 से 75 वर्ष आयु समूह में भारत के जनसंख्या अनुपात और नशीले पदार्थों के प्रयोग से उत्पन्न विकृतियों के संदर्भ में निष्कर्ष दिए गए हैं। भारत में नशीले पदार्थ की सीमा और स्वरूप संबंधी राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, 18 से 75 वर्ष आयु वर्ग में भांग का सेवन करने वालों की अनुमानित संख्या 2.90 करोड़ है जबकि अफीम के सेवनकर्ताओं की संख्या 1.90 करोड़ पाई गई है। सर्वे के अनुसार, 18 से 75 वर्ष आयु वर्ग में 10 लाख लोग कोकीन तथा 20 लाख लोग उत्तेजना पैदा करने वाले 'एम्फैटेमिन' पदार्थों का सेवन करते हैं। लोकसभा में 20 सितंबर को राजीव प्रताप रूडी के प्रश्न के लिखित उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रतन लाल कटारिया ने यह ब्यौरा दिया है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, सभी आयु वर्गों में सबसे अधिक संख्या शराब का सेवन करने वालों की है। 18 से 75 वर्ष आयु वर्ग के 15.10 करोड़ लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। अनुमानित 50 लाख बच्चे और किशोर शामक पदार्थों तथा सूंघकर या कश के जरिए लिए जाने वाले मादक पदार्थों का सेवन करते हैं जबकि दो लाख बच्चे कोकीन और चार लाख बच्चे उत्तेजना पैदा करने वाले पदार्थों का सेवन करते हैं।
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