होम हो जाइए तैयार, जनता को दशहरा व दीपावली के पहले यह तोहफा दे सकती है मोदी सरकार
हो जाइए तैयार, जनता को दशहरा व दीपावली के पहले यह तोहफा दे सकती है मोदी सरकार
कोरोना काल ने देश की अर्थव्यवस्था को बदहाल कर दिया है। फिलहाल इस बात की उम्मीद भी नहीं की जा रही कि जल्द ही कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी जिससे लोग बेफिक्र होकर अपना काम पहले की तरह कर सकें। इस सबके बीच त्योहारी सीजन का आना मोदी सरकार के लिए नई चुनौतियां पेश कर रहा है।
दूसरा आर्थिक पैकेज दे सकती है सरकार
अक्टूबर से लेकर जनवरी-फरवरी तक देश में त्योहारी सीजन रहता है। इन महीनों में सबसे ज्यादा त्योहार होते हैं, जिससे बाजार गुलजार रहता है। हालांकि इस बार इस त्योहारी सीजन हालात बेहद खराब न रहें, इसलिए मांग व खपत को प्रोत्साहित करने के लिए उम्मीद की जा रही है कि सरकार दूसरा आर्थिक पैकेज दे सकती है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय में मंत्रणा शुरू हो चुकी है।
शहरी बेरोजगारों को ध्यान में रखकर बनेगा यह पैकेज
दूसरे आर्थिक पैकेज के तहत मुख्य रूप से शहरी बेरोजगारों को ध्यान में रखा जाएगा। इन्हें रोजगार देने के लिए मनरेगा की तर्ज पर कोई स्कीम लाई जा सकती है। इस स्कीम को लागू करने के लिए सरकार एक निश्चित फंड देगी। रोजगार के नाम पर मिलने वाले इन पैसों को खर्च करने से मांग व खपत में बढ़ोतरी होगी।
आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने में मिलेगी मदद
21 लाख करोड़ के पहले आर्थिक पैकेज से ग्रामीण इलाके की आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने में सफलता मिली है और अब शहरी क्षेत्र में मांग व खपत के चक्र में तेजी लाने की तैयारी की जा रही है। एचयूएल जैसी कंज्यूमर गुड्स कंपनियां भी इस बात को कह चुकी हैं कि शहरी क्षेत्र की खपत में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।
ताकि लोग खुलकर खर्च कर सकें और अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सके
मुख्य आर्थिक सलाहकार भी कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि कोरोना पर काफी हद तक काबू पाने के बाद और आर्थिक गतिविधियों के सामान्य होने पर दूसरे आर्थिक पैकेज दिए जाएंगे ताकि लोग खुलकर खर्च कर सकें और अर्थव्यवस्था को उसका लाभ मिल सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी कह चुकी हैं कि सरकार ने आर्थिक पैकेज को लेकर अपना विकल्प बंद नहीं किया है।
शहरी श्रमिकों के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान
सूत्रों के मुताबिक कोरोना की वैक्सीन बहुत जल्द आने को लेकर अभी भी संशय बरकरार है। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान मांग और खपत के चक्र में तेजी लाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। त्योहार के दौरान खरीदारी का उपयुक्त मौका होता है। इसलिए त्योहार से पहले कोरोना की वजह से बेरोजगार हुए शहरी क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान किया जा सकता है।
जीडीपी में 23.9 फीसद की गिरावट के बाद मांग हुई तेज
देश के कई आर्थिक विशेषज्ञों के साथ सभी औद्योगिक संगठन भी सरकार से दूसरे आर्थिक पैकेज की मांग कर चुके हैं। चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फीसद की गिरावट के बाद यह मांग और तेज हो गई है।
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