होम प्रधानमंत्री मोदी 26 सितम्बर को अपने श्रीलंकाई समकक्ष के साथ करेंगे शिखर वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी 26 सितम्बर को अपने श्रीलंकाई समकक्ष के साथ करेंगे शिखर वार्ता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने श्रीलंकाई समकक्ष महिन्दा राजपक्षे से 26 सितम्बर को डिजिटल माध्यम से शिखर वार्ता करेंगे जिसमें दोनों नेता समय की कसौटी पर खरे उतरे द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों की व्यापक समीक्षा करेंगे और आपसी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग को और गहरा बनाने को लेकर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने डिजिटल प्रेस वार्ता में कहा कि यह शिखर वार्ता दोनों नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक ढांचे की विस्तृत समीक्षा करने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे के बीच डिजिटल माध्यम से यह शिखर वार्ता कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतिपूर्ण परिस्थितियों में हो रही है जो दोनों पड़ोसी देशों के गहरे सभ्यतागत संबंधों और साझी विरासत को प्रदर्शित करते हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि यह भारत के 'पड़ोस प्रथम' और 'सागर सिद्धांत' पहल को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन दोनों नेताओं को समय की कसौटी पर खरे उतरे द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों की व्यापक समीक्षा करने और आपसी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग को और गहरा बनाने को लेकर चर्चा का अवसर प्रदान करेंगे।
श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे की शनिवार 26 सितम्बर को डिजिटल माध्यम से शिखर वार्ता होगी जिसकी मेजबाजी भारत करेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से आयोजित यह द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पड़ोसी देश के साथ पहला डिजिटल सम्पर्क होगा।
वहीं, 9 अगस्त 2020 को श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद महिन्दा राजपक्षे का भी किसी विदेश नेता के साथ पहला राजनयिक सम्पर्क होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच नियमित तौर पर उच्च स्तरीय आदान प्रदान होते हैं। ऐसे आदान प्रदानों से आपसी सहयोग के बहुआयामी स्वरूप को गति मिलती है जो वाणिज्य, सुरक्षा, रक्षा, संस्कृति और पर्यटन आदि क्षेत्रों से जुड़े हैं।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।