होम लॉकडाउन में करीब 1 करोड़ प्रवासी श्रमिक पैदल अपने घरों को लौटे: सरकार ने संसद में कहा

Alert Star Digital Team Sep 22, 2020 08:19 PM

लॉकडाउन में करीब 1 करोड़ प्रवासी श्रमिक पैदल अपने घरों को लौटे: सरकार ने संसद में कहा

लॉकडाउन में करीब 1 करोड़ प्रवासी श्रमिक पैदल अपने घरों को लौटे: सरकार ने संसद में कहा

लॉकडाउन में करीब 1 करोड़ प्रवासी श्रमिक पैदल अपने घरों को लौटे: सरकार ने संसद में कहा

. सरकार ने मंगलवार को कहा कि मार्च से जून 2020 के दौरान एक करोड़ से अधिक प्रवासी मजदूर (Migrant Labourers) अपने गृह राज्यों में वापस लौटे. इसमें कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के चलते लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Nationwide Lockdown) के दौरान यात्रा करने वाले लोग भी शामिल थे. सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह (State for Road Transport and Highways V K Singh) ने एक लिखित उत्तर में लोकसभा (Loksabha) को बताया कि "कोविड-19 के चलते बड़ी संख्या में श्रमिक अपने काम करने की जगहों से अपने गृह-राज्यों में चले गए."

श्रम और रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान पैदल यात्रा करने वालों सहित 1.06 करोड़ से अधिक प्रवासी कामगार अपने गृह राज्यों में लौट गए. अनंतिम उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मार्च-जून 2020 की अवधि के दौरान सड़कों पर (राष्ट्रीय राजमार्गों सहित) 81,385 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 29,415 लोगों की जान चली गई. हालांकि, मंत्रालय की ओर से कहा गया कि मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान सड़क दुर्घटना में मारे गए प्रवासी श्रमिकों के संबंध में अलग-अलग डेटा नहीं तैयार किया है. राज्यों ने मुहैया कराई थी मददसिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित सलाह जारी की थी कि वे प्रवासी श्रमिकों को भोजन, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और उचित परामर्श प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करें. मंत्री ने कहा, "मंत्रालय ने देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर पैदल चलने वाले प्रवासी मजदूरों को भोजन, पीने का पानी, बुनियादी दवाइयां और फुट वियर इत्यादि मुहैया कराने में मदद की थी."

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)