होम राजधानी के मंदिरों में आज होगा गणपति का आगमन, इको फ्रेंडली मूर्ति की बढ़ी मांग
राजधानी के मंदिरों में आज होगा गणपति का आगमन, इको फ्रेंडली मूर्ति की बढ़ी मांग
विध्नेश्वर, सिद्धिदाता, सिद्धिविनायक, सुरेश्वर, अमित, अवनीश, अविघ्न, भूपति, मंगलमूर्ति, गणपति, गजानन, एक दंत, गणेश ना जाने कितने रूपों से विख्यात हैं गौरी पुत्र लम्बोदर। आज उनकी अगुवाई की तैयारियां देश के प्रत्येक राज्यों में चल रही है ऐसे में भला राजधानी दिल्ली (Delhi) कैसे पीछे रह सकती है।
हालांकि इस बार गणपति पूजन का रूप थोड़ा अलग होने वाला है क्योंकि गणपति विसर्जन की अनुमति इस बार नहीं दी जा रही है। वहीं कोरोना वायरस (Coronavirus) के डर से पांडाल भी काफी कम लगाए जा रहे हैं लेकिन भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के मंदिरों में गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। आज राजधानी के प्रमुख मंदिरों में गणपति पधारने वाले हैं। आइए जानते हैं कि उनके आगमन पर क्या रहेगा कार्यक्रम।
इको फ्रेंडली मूर्ति होगी स्थापित: झंडेवालान मंदिर
प्राचीन झंडेवालान मंदिर के मीडिया प्रभारी नंदकिशोर सेठी ने बताया कि गणपति उत्सव 22 अगस्त से 1 सितंबर तक मनाया जाएगा। सारा उत्सव बड़ी सादगी के साथ मनेगा और शनिवार सुबह मंदिर में गणपति जी की इको फ्रेंडली मूर्ति की स्थापना के साथ गणेश भगवान की आरती की जाएगी। इस बार यह उत्सव अनन्त चतुर्दशी यानि 1 सितंबर तक पूरे दिन मनाया जाएगा। 1 सितंबर को आरती के बाद गणपति जी की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। प्रति दिन गणपति जी की आरती प्रातः साढ़े 8 बजे और शाम साढ़े 7 बजे की जाएगी, जिसका सीधा प्रसारण झंडेवालान देवी मंदिर के यू-टयूब चैनल पर किया जाएगा।
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