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उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को फीस में मिल सकती है राहत
कोरोना काल की फीस में राहत की मांग के बीच ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी इस पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कुछ चार्ज माफ किए जा सकते हैं। इसका जल्द ही ऐलान हो जाएगा। मंत्रालय के पास हालांकि, अकेले विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की ही फीस माफ करने की मांगों का मामला नहीं है, बल्कि स्कूलों की भी फीस को माफ करने की मांगें भी पहुंच रही है।
सूत्रों की मानें तो स्कूलों का विषय राज्यों से जुड़ा होने के चलते मंत्रालय इससे दूर रहना चाहता है, लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों की फीस को लेकर वह गंभीर है। जल्द ही कुछ ऐसे निर्णय जरूर कर सकता है, जिसका संदेश स्कूलों के लिए भी हो, ताकि राज्यों पर भी ऐसे फैसले देने का दबाव बढे़। सूत्रों की मानें तो मंत्रालय के आला अधिकारियों की इस मुद्दे पर यूजीसी के साथ चर्चा चल रही है। इस दौरान जो छात्रों को फीस से जुड़ी हो राहत दी जा सकती है, उनमें छात्रावास की फीस के साथ बिजली, पानी, समाचार पत्र और खेलकूद जैसे शुल्क को माफ किया जा सकता है।
वैसे भी छात्रों और उनसे जुड़े संगठनों की मांग है कि मार्च से ही संस्थानों बंद है। ऐसे में इस पूरी अवधि का चार्ज माफ किया जाए। साथ ही छात्रों को फीस को किश्तों में जमा करने के विकल्प भी दिए जाए। खासबात यह है कि छात्रों की इस मांग को भाजपा से जुड़ा छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भी जोर-शोर से उठा रहा है। मंत्रालय इससे पहले भी पाठयक्रम को कम करने, आईआइटी जैसे शीर्ष तकनीकी संस्थानों के प्रवेश को नियमों को शिथिल करने जैसी कई राहत दे चुका है।
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