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27 जुलाई से बदल जाएगा देश में सामान बेचने-खरीदने का तरीका, जानें नए नियम के बारे में
देश में 20 जुलाई से नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 (Consumer Protection Act 2019) लागू हो गया है. इस कानून के लागू हो जाने के बाद अब ई-कॉमर्स कंपनियां (E-Commerce Companies) भी इस कानून के दायरे में आ गए हैं. ई-कॉमर्स कंपनियों को भी अब नए नियम का पालन करना अनिवार्य हो जाएगा. ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए नियम 27 जुलाई से लागू होंगे. मोदी सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. यह कानून भी कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के अंतगर्त ही लागू होंगे. इस कानून को बीते 20 जुलाई को ही लागू होना था, लेकिन किसी कारण से यह लागू नहीं हो सका. अब इस कानून को पूरे देश में 27 जुलाई से लागू किया जाएगा. इस नए कानून में अब उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले ज्यादा अधिकार मिलेंगे. नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के मुताबिक अब ई-कॉमर्स कंपनियों के सामान बेचने और खरीदने का तरीका बदल जाएगा.
ई-कॉमर्स कंपनियों पर अब कसेगा शिकंजा
नए नियम के मुताबिक, ग्राहकों के साथ ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी किया गया तो ई-कॉमर्स कंपनियों पर शिकंजा कस जाएगा. नए ई-कॉमर्स कानून से ग्राहकों की सहूलियत तो बढ़ाएगी साथ में कई नए अधिकार भी देगी. इस नए नियम में बेचने वाली कंपनी को यह बताना होगा कि सामान किस देश में बना है. नए उपभोक्ता कानून में ई-कॉमर्स कंपनियों को अब ग्राहकों के हितों का हर तरह से ख्याल रखना पड़ेगा. चाहे वह कंपनियां देश में रजिस्टर्ड हों या विदेश में हो.नए नियम में जुर्माना के साथ सजा के भी प्रावधान किए गए हैं. अगर कोई ग्राहक ऑर्डर बुक कर बाद में कैंसिल कर देता है तो ई-कॉमर्स कंपनियां चार्ज नहीं ले सकती हैं. साथ ही घटिया सामान डिलेवरी करने पर भी दंड का प्रावधान होगा. रिफंड, एक्सचेंज, गारंटी-वारंटी जैसे सभी जानकारी ई-कॉमर्स कंपनियों के पोर्टल पर उपलब्ध कराने होंगे. इसके साथ ही बताना होगा कि प्रोडक्ट किस देश की है और किस देश में बना है. साथ ही गलत या लुभाने वाली प्राइस और हिडन चार्ज पर भी लगाम लगाई जाएगी.
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