होम सुप्रीम कोर्ट ने कहा, शराब आवश्यक वस्तु नहीं; एमडब्लूएमए की याचिका की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, शराब आवश्यक वस्तु नहीं; एमडब्लूएमए की याचिका की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यह कहते हुए महाराष्ट्र वाइन मर्चेट्स एसोसिएशन (MWMA) की याचिका खारिज कर दी कि शराब आवश्यक वस्तु नहीं है। एसोसिएशन ने बांबे हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील की थी जिसमें अदालत ने राज्य सरकार को मुंबई में दुकानों से शराब बिक्री की अनुमति देने के निर्देश देने से इन्कार कर दिया था।
जस्टिस अशोक भूषण, आर. सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने कहा, 'हाई कोर्ट ने पहले ही याचिकाकर्ता को नगर निगम के समक्ष मामला रखने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसलिए हमें इस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करने का कोई कारण नजर नहीं आता।'
बीएमसी के समक्ष रखा गया था मामला
एमडब्लूएमए की ओर से पेश अधिवक्ता चरणजीत चंदरपाल ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक बृहनमुंबई नगर निगम (BMC) के समक्ष मामला रखा गया था, लेकिन वहां से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया कि एसोसिएशन की ओर से पेश मामले पर फैसला करने के लिए बीएमसी पर समय सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बिक्री में नकली शराब बिकने की संभावना है।
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