होम बाल मजदूरी के शिकार बच्चों के रेस्क्यू मामले में HC ने दिल्ली सरकार और पुलिस से मांगा जवाब

समाचारविदेश Alert Star Digital Team Jul 20, 2020 08:51 PM

बाल मजदूरी के शिकार बच्चों के रेस्क्यू मामले में HC ने दिल्ली सरकार और पुलिस से मांगा जवाब

बाल मजदूरी के शिकार बच्चों के रेस्क्यू मामले में HC ने दिल्ली सरकार और पुलिस से मांगा जवाब

बाल मजदूरी के शिकार बच्चों के रेस्क्यू मामले में HC ने दिल्ली सरकार और पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बाल मजदूरी के शिकार रेस्क्यू कराए गए बच्चों के कोर्ट में बयान दर्ज कराने के मामले में "बचपन बचाओ आंदोलन" NGO की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार (Delhi Government) और पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने एक हफ्ते में एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है.

याचिका में कहा गया है कि विषम परिस्थितियों में बाल मजदूरी करने वाले 10 बच्चों को छुड़ाया गया था. सभी बच्चों की उम्र 12 से 15 साल के बीच है. इन बच्चों का मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस चाइल्ड होम से कोर्ट ले जाया जा रही है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए ऐसा करना सही नहीं है, इससे सोशल डिसटेंसिंग के नियम की भी धज्जियां उड़ रही है.

याचिका में मांग की गई है कि बच्चों के बयान बाल गृह से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज किए जाएं. साथ ही रेस्क्यू किए गए बच्चों का कोरोना टेस्ट भी अस्पताल की जगह बाल गृह ( चाइल्ड होम ) में किया जाए. सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि मामले की अगली सुनवाई होने तक बाल गृह से किसी भी बच्चे को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में नहीं ले जाया जाएगा. दिल्ली हाईकोर्ट मामले पर अगली सुनवाई 28 जुलाई को करेगी.

आपको बता दें कि इसी महीने (जुलाई) की शुरुआत में दिल्ली के क‌ई इलाकों से बाल मजदूरी के शिकार 10 बच्चों को मुक्त कराया गया था. इनमें से 5 बच्चों का बयान दर्ज करवाने के लिए दिल्ली पुलिस कोर्ट लेकर ग‌ई थी. इसी का विरोध करते हुए बचपन बचाओ आंदोलन NGO की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी.

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