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समाचारदेश Alert Star Digital Team Jul 16, 2020 10:15 PM

हाट्सअप में टिक मार्क ब्लू यानी हाई कोर्ट का ई-नोटिस तामिल

हाट्सअप में टिक मार्क ब्लू यानी हाई कोर्ट का ई-नोटिस तामिल

हाट्सअप में टिक मार्क ब्लू यानी हाई कोर्ट का ई-नोटिस तामिल

तकनीकी और कोरोना वायरस ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की बरसों पुरानी डाक से नोटिस तामिल की प्रक्रिया को भी बदल दिया है। अब लिफाफा के बजाय सोशल मीडिया विशेषकर व्‍हाट्सअप के जरिए समन की तामिली की जा रही है। व्‍हाट्सअप में टिक मार्क ब्लू हुआ यानी नोटिस तामिल मान लिया जा रहा है।

ईमेल में भी इसी तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिसमें मेल देखे जाते ही उसकी सूचना मिल जाती है। वर्तमान में आठ कोर्टों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रतिदिन औसतन 350 सुनवाई हो रही है। कुछ विशेष प्रकरणों की ओपन कोर्ट में सुनवाई हो रही है। हर कोर्ट में प्रतिदिन 40 से 50 मामलों की ई-सुनवाई हो रही है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट देश में पहला कोर्ट रहा जिसने जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाने के लिए ई नेशनल लोक अदालत आयोजित कर समझौता प्रकरणों की सुनवाई की। प्रदेशभर में इसके लिए 219 खंडपीठों का गठन किया गया था। इस दौरान 2,270 प्रकरणों की सुनवाई हुई और 43.50 करोड़ रुपये के अवार्ड भी पारित किए गए। अवार्ड पारित करने के कोर्ट ने मानवीय पक्षों को ध्यान में रखा।इसके पीछे मुख्य उद्देश्य कोरोना संक्रमण काल में उन जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाना था जिनके मुखिया की सड़क दुर्घटना या कारखानों में काम के दौरान मौत हो गई है और क्षतिपूर्ति मुआवजा का मामला लंबे समय से कोर्ट में लंबित था। ई लोक अदालत में ऐसे प्रकरणों की प्राथमिकता के साथ सुनवाई की गई। ई लोक अदालत में अपीलार्थी और पक्षकारों के वकील वर्चुअल सुनवाई में शामिल हुए। अपीलार्थी और पक्षकारों को कोर्ट आने की मनाही कर दी गई थी। पारित अवार्ड की कॉपी संबंधित वकील के ई मेल पर चौबीस घंटे के भीतर भेजी गई थी। 

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