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पेट्रोल डीजल पर कर में बढोतरी के बावजूद ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने शुक्रवार को कहा कि लॉकडाउन के दौरान उत्पाद शुल्क में बढोतरी किये जाने के बावजूद पेट्रोल , डीजल और केरोसिन के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है और इस दौरान कीमतों में बढोतरी नहीं हुयी है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हुयी गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को दिये जाने के बारे में पूछे जाने पर सूत्र ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढोतरी नहीं हुयी है। हालांकि सूत्र ने माना कि कुछ राज्यों ने वैट आदि में बढोतरी की है जिससे संबंधित राज्यों में बढोतरी हुयी होगी लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में बढोतरी किये जाने से इसकी कीमतों में कोई बढोतरी नहीं हुयी है।
उल्लेखनीय है कि काेरोना वायरस के वैश्विक स्तर पर विशेषकर विकसित और विकासशील देशों में तेजी से फैलने के कारण किये गये लॉकडाउन से तेल की मांग में भारी कमी आयी जिससे इसकी कीमतों में वैश्विक स्तर पर भारी गिरावट देखी गयी थी। अमेरिका में तेल की कीमतें ऋणात्मक हो गयी थी। इसी दौरान घरेलू स्तर पर भी तेल की कीमतों में भारी कमी किये जाने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन सरकार ने उत्पाद शुल्क में बढोतरी कर कीमतों को यथावत बनाये रखा। कुछ राज्यों ने काेरोना से निपटने के लिए धनराशि जुटाने के उद्देश्य से वैट में बढोतरी की है जिससे वहां इसकी कीमतों में बढोतरी हुयी है।
शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर भी कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखा गया। अमेरिकी क्रुड की कीमत पिछले दिवस की तुलना में 3 फीसदी गिरकर 32.70 डॉलर प्रति बैरल पर और ब्रेट क्रुड 2.04 प्रतिशत फिसलकर 34.57 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
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