होम मध्य प्रदेश में कोरोना से लड़ने में वन विभाग निभा रहा है सक्रिय भूमिका
मध्य प्रदेश में कोरोना से लड़ने में वन विभाग निभा रहा है सक्रिय भूमिका
मध्य प्रदेश का वन विभाग राज्य के नागरिकों को कोरोना से बचाने में अहम योगदान दे रहा है। विभाग ने प्रवासी मजदूरों की सहायता, फूड, राशन, बिस्किट, पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, काढ़ा पैकेट, सेनिटरी पैकेट, ईधन की लकड़ी, आदि बांटने के साथ लोगों को निरंतर जागरूक भी किया। वन विभाग अब तक प्रदेश में 4 लाख 57 हजार 572 मास्क, 19 लाख 66 हजार 64 मि.ली. सेनीटाइजर, 15 हजार 859 साबुन, 56 हजार 483 राशन पैकेट और 29 हजार 919 बाँस-बल्ली, वितरित कर चुका है। वन कर्मी लगभग 4 हजार जागरूकता शिविरों में लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति सतर्क कर चुके हैं। प्रशासन के साथ 2 लाख 287 वन कर्मी कंट्रोल रूम और विभिन्न चेकपोस्ट पर ड्यूटी कर रहे हैं। यही नहीं वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोरोना के लिये अब तक स्व-प्रेरणा से 88 लाख 97 हजार की राशि भी दी है। वन विभाग अपने नियमित कार्यों के साथ ये कार्य भी कर रहा है।
प्रदेश में वन विभाग की 171 नर्सरियों में 6 करोड़ पौधे हैं। इनका रख-रखाव नियमित रूप से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किया जा रहा है। इन नर्सरियों में काम करने वाले श्रमिकों और वन कर्मियों को नि:शुल्क मास्क, सेनिटाइजर, राशन आदि का वितरण भी किया जा रहा है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के मैदानी क्षेत्र के कार्यों की निगरानी की जा रही है। सभी राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व में भी वन्य प्राणियों के स्वास्थ्य और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।