होम निर्भया के गुनहगारों की चालः फांसी से बचने के लिए दोषी पवन ने बनाया एक और प्लान

समाचारदेश Alert Star Digital Team Mar 12, 2020 07:30 PM

निर्भया के गुनहगारों की चालः फांसी से बचने के लिए दोषी पवन ने बनाया एक और प्लान

निर्भया के गुनहगारों की चालः फांसी से बचने के लिए दोषी पवन ने बनाया एक और प्लान

निर्भया के गुनहगारों की चालः फांसी से बचने के लिए दोषी पवन ने बनाया एक और प्लान

निर्भया गैंगरेप और हत्या के दोषी पवन कुमार ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर घटना के एकमात्र चश्मदीद गवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि इस घटना का एकमात्र चश्मदीद गवाह का बयान भरोसे के लायक नहीं था और उसने किसी के कहने पर कोर्ट में अपना बयान दिया था।

पिछले 27 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने चश्मदीद गवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दिया था। पवन के पिता ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की ओर से पिछले 6 जनवरी को उसकी याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी।

पवन कुमार के पिता की याचिका में कहा गया था कि पैसे देकर मीडिया इंटरव्यू देने की वजह से इस मामले का मीडिया ट्रायल किया गया जिससे केस पर असर पड़ा। याचिका में कहा गया था कि इस मामले के एकमात्र चश्मदीद गवाह और पीड़िता का दोस्त घटना वाले दिन पीड़िता के साथ बस में सवार था। उसकी गवाही के बाद ही चारो दोषियों को फांसी की सजा मुकर्रर की गई। याचिका में कहा गया था कि उसने कोर्ट में झूठी गवाही दी।

याचिका में उन खबरों को आधार बनाया गया था जिसके मुताबिक उसने कई न्यूज़ चैनल्स को इंटरव्यू देकर लाखों रुपये कमाए। न्यूज चैनल्स में खबरों की वजह से इस मामले का मीडिया ट्रायल हुआ और कोर्ट में ट्रायल पर असर पड़ा। याचिका में इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। पवन के पिताजी ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की जिसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)