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दिल्ली हिंसा के मुख्य आरोपी शाहरुख और ताहिर ने पुलिस की मिलीभगत से किया सरेंडर
उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24-25 फरवरी 2020 को भडक़ी हिंसा के मुख्य आरोपी माने जाने वाले दोनों मोस्ट वांटेड ने पुलिस की मिलीभगत से ही सही सरेंडर कर दिया है? मंगलवार को यूपी के शामली इलाके से शाहरुख पठान की कथित गिरफ्तारी और गुरुवार को दिल्ली की राउज एवन्यू अदालत में ताहिर हुसैन के सरेंडर से यह सवाल आमजन के दिल-ओ-जेहन में कौंध रहे हैं।
दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के एक अधिकारी ने गुरुवार को नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस तीसरी वाहनी के हवलदार दीपक दहिया के ऊपर बेखौफ होकर लोडेड पिस्तौल तान देने वाले शाहरुख पठान की जिस जोर-शोर से तलाश थी, उसकी गिरफ्तारी के बाद अधिकांश अफसरों का जोश (दिल्ली पुलिस महकमे में) तकरीबन गायब सा होकर रह गया। जितनी आसानी से शाहरुख दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के हाथ आ गया? वो तमाम हालात भी काफी कुछ बयान कर रहे हैं। अगर शाहरुख वाकई पुलिस को छका रहा था तो फिर, दिल्ली पुलिस ने उस पर फरारी वाले दिन ही उसकी गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा क्यों नहीं कर दी? जैसा कि अमूमन इस तरह की गिरफ्तारियों में दिल्ली पुलिस किया करती है। दिल्ली पुलिस के ही एसीपी स्तर के एक अन्य पुलिस अफसर की मुंहजुबानी, शाहरुख पठान को पुलिस ने पकड़ा नहीं बल्कि एनकाउंटर के डर के चलते वो कई दिनों तक इधर-उधर भागता फिरता रहा।
उसका परिवार भी घर में ताला लगाकर भाग गया। जितने दिन शाहरुख नहीं मिला, उतने दिन तक परिवार वाले उसे (शाहरुख पठान) खुद ही सही-सलामत दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के सामने पेश करने के रास्ते/ जुगाड़ खोजते रहे। जैसे ही यह पुख्ता हो गया कि अब शाहरुख खान पुलिस मुठभेड़ में मारा नहीं जाएगा! वो दिल्ली पुलिस के पास खुद ही चलकर पहुंच गया।
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