होम पश्चिम बंगाल से सीताराम येचुरी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर कांग्रेस भी सहमत
पश्चिम बंगाल से सीताराम येचुरी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर कांग्रेस भी सहमत
बंगाल में निकाय चुनाव सिर पर हैं। कांग्रेस व माकपा दोनों की स्थिति इस समय सूबे में खस्ताहाल है। ऐसे में दोनों एक-दूसरे का सहारा बनकर अपनी-अपनी स्थिति थोड़ी बेहतर करना चाहती हैं। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में वाममोर्चा-कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में माकपा के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी को बंगाल कांग्रेस चाह रही है।
बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी भी येचुरी के समर्थन में दिख रहे हैं। बंगाल माकपा येचुरी के नाम पर पहले ही सहमति जता चुकी है। ऐसे में अब कांग्रेस हाईकमान की ओर से संकेत मिलने के साथ ही तीसरी बार येचुरी का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है।
वाममोर्चा के पास नहीं है ज्यादा विधायक
बंगाल विधानसभा में माकपा ही नहीं, पूरे वाममोर्चा के पास इतने विधायक नहीं हैं कि वे अपने बूते अपने किसी प्रत्याशी को राज्यसभा भेज सकें। यही हाल कांग्रेस का भी है, क्योंकि दोनों के पास (तृणमूल कांग्रेस व भाजपा में शामिल हो चुके विधायकों को छोड़कर) महज 24-24 ही विधायक हैं। तृणमूल के पास इतने विधायक हैं कि वह अपने चार प्रत्याशियों को आसानी से लोकसभा भेज सकती है। इसके बाद भी उनके पास 42 विधायकों के वोट बच जाएंगे।
ऐसी स्थिति में अगर कांग्रेस चाहती (जैसा कि पूर्व में प्रदीप भट्टाचार्य और अभिषेक मनु सिंघवी के मामले में हुआ था) तो तृणमूल से हाथ मिलाकर अपने एक और सदस्य को राज्यसभा भेज सकती है, लेकिन इसका असर निकाय चुनाव में माकपा व कांग्रेस गठबंधन पर पड़ सकता है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।