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रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए भारत ने बांग्लादेश को फिर राहत सामग्रियां भेजीं
सार 2017 से लेकर अब तक भारत ने बांग्लादेश को शरणार्थियों की मदद के लिए सामानों की चार खेप भेजी हैं। सितंबर 2017 में भारत ने 981 मीट्रिक टन राहत सामग्री भेजी थी।
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भारत ने म्यांमार के रखाइन प्रांत से आकर बांग्लादेश में रह रहे शरणार्थियों के लिए कई तरह की राहत सामग्रियां भेजी हैं। इनमें बड़ी संख्या में पैडल वाली सिलाई मशीन, आफिस टेंट और अन्य राहत सामग्री शामिल है। अक्टूबर में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत दौरे के वक्त भारत ने ये मदद सामग्री भेजने का वादा किया था। बांग्लादेश में भारत की उच्चायुक्त रिवा गांगुली दास ने ये राहत सामग्रियां कॉक्स बाजार में बांग्लादेश के मंत्री इनामुर रहमान को सौंपी। भारतीय उच्चायोग की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक भारत ने 1000 सिलाई मशीन, 32 ऑफिस टेंट, 32 अन्य सहायता किट और 99 परिवारों के रहने के लिए टेंट बांग्लादेश को सौंप दिए गए हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक बांग्लादेश सरकार की ओर से म्यांमार से आकर कॉक्स बाजार के अस्थाई कैंपों में रहने वाले शरणार्थियों की मानवीय मदद का भारत लगातार समर्थन करता रहा है और उसमें अपनी भागीदारी भी निभाता रहा है।
2017 से लेकर अब तक भारत ने बांग्लादेश को शरणार्थियों की मदद के लिए सामानों की चार खेप भेजी हैं। सितंबर 2017 में भारत ने 981 मीट्रिक टन राहत सामग्री भेजी थी। उसी तरह मई 2018 में भी दूध पाउडर, सूखी मछली, बेबी फूड, रेनकोट, बूट समेत 373 मीट्रिक टन सामग्री भेजी थी।
भारत के अलावा जापान और संयुक्त राष्ट्र के तमाम संगठन बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद में पूरा सहयोग कर रहे हैं। खासकर अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट की ओर से रोहिंग्या शरणार्थियों के जीवन स्तर को सुधारने, उनकी मदद करने और म्यांमार पर उन्हें वापस लेने का दबाव बनाने के आदेश के बाद से पड़ोसी देशों ने अपनी मदद का सिलसिला और बढ़ा दिया है।
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