होम 70 दिन बाद कालिंदी कुंज से 9 नंबर रास्ता नोएडा के लिए खुला, दो गुट में बंटे प्रदर्शनकारी
70 दिन बाद कालिंदी कुंज से 9 नंबर रास्ता नोएडा के लिए खुला, दो गुट में बंटे प्रदर्शनकारी
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 70 दिनों से जामिया से कालिंदी कुंज की ओर जाने वाला बंद रास्ते को शनिवार शाम प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने खोल दिया। ओखला पक्षी विहार की गेट से होते हुए 9 नंबर रास्ता सीधे नोएडा की ओर जाता है। इस पल को यादगार बनाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पर पटाखे भी फोड़े। इसके बाद नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन तक पहुंचे, जहां लोगों को बंद रास्ते की खुले होने की सूचना दी। वहीं, प्रदर्शनकारियों के दूसरे गुट ने कुछ देर बाद रास्ते को दोबारा बंद कर दिया। इसके बाद दोनों गुटों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कालिंदी कुंज से नोएडा की ओर जाने वाला रास्ता दो महीने से अधिक वक्त से बंद पड़ा है। जिसकी वजह से जामिया की ओर से नोएडा जाने वाले बाइक सवार ओखला पक्षी विहार के किनारे होकर जाते थे।
शनिवार को इस रास्ते को प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने आम लोगों के लिए खोल दिया है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने वहां जश्न मनाया। रास्ता खुलते ही कार व बाइके उधर से जाने लगी। करीब आधे घंटे तक रास्ते से गाड़ियां गुजरती रही।
इसी बीच प्रदर्शनकारियों के दूसरे गुट ने पक्षी विहार के सामने खुले बैरिकेड को एक बार फिर बंद कर दिया। हालांकि एक छोटा सा बैरिकेड बाइकों के आवाजाही के लिए खुला छोड़ दिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने खुद ही रास्ते से बैरिकेड हटाया है, जिसे दिखवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन शर्तों पर माने प्रदर्नकारी प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जाए और सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में आदेश जारी करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें मीडिया और पुलिस पर भरोसा नहीं है, हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शाहीन बाग और जामिया के लोगों के खिलाफ दर्ज केस और नोटिस को वापस लिया जाए। इसके साथ ही जामिया में हुई हिंसा में पुलिस की भूमिका की भी जांच हो। वे चाहते हैं कि प्रदर्शन स्थल की सुरक्षा के लिए स्टील शीट का उपयोग किया जाए।
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