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मोदी सरकार के जाल में फंसे CAA का विरोध करने वाले, कर दिया ऐसा ऐलान
CAA का विरोध करने वालों का संगठन भाजपा सरकार के ट्रैप में फंस गया है जिसके चलते उसने बड़ा ऐलान कर दिया है। यह संगठन कोई और नहीं बल्कि ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन (आसू) है जो इस समय भाजपा सरकार के CAA का जबरदस्त विरोध कर रहा है। इसी के चलते इस संगठन ने बड़ा ऐलान करते हुए राजनीतिक पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने के लिए कहा है। असम के वित्तमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध करने वालों ने राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है, इसलिए अब इस मामले पर बातचीत करने का सवाल ही नहीं है और अब इस मुद्दे का समाधान चुनाव से होगा।
सीएए के खिलाफ असम में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन (आसू) ने संकेत दिया है कि वह राजनीतिक पार्टी का गठन करेगा। राज्य के वित्त और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे सरमा ने कहा, '' चर्चा करने के लिए क्या है जब उन्होंने कहा है कि वे राजनीतिक दल का गठन करेंगे। यह मामला अब राजनीतिक अखाड़े में ईवीएम के जरिये ही सुलझेगा... यह कैसे कहीं और सुलझ सकता है?'' उन्होंने कहा, '' जब प्रदर्शन, प्रदर्शन था तब हमने कहा था कि बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं। अब वे कह रहे हैं कि भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे। पिछले एक महीने में परिस्थितियां बदल गई है। अब हम गेंद उनके सामने रख कर यह नहीं कह सकते की गोल कीजिए।'' पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रभावी नेता सरमा ने कहा कि आसू के महासचिव लुरिंग ज्योति गोगोई सीएए को भूल गए हैं और अपना अधिकतर समय भाजपा की आलोचना में बिता रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''अगर मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत शुरू करते हैं तो मुझे कहना होगा कि मैं अपनी सीट समर्पित कर दूंगा या भाजपा अगला चुनाव नहीं लड़ेगी। सीएए के प्रावधान जिसके खिलाफ प्रदर्शनकारी थे और बातचीत करना चाहते थे, अब वह मौजूद नहीं है। असम के लोगों के हितों की रक्षा के लिए सीएए के नियमों पर चर्चा की जानकारी देते हुए सरमा ने कहा कि सुबह ही इस मामले पर राज्य सरकार की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक हुई है।
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