होम राजस्व बजट से भी अब हथियार खरीद सकेंगे फील्ड कमांडर्स,

समाचारविदेश Alert Star Digital Team Sep 7, 2021 10:26 PM

राजस्व बजट से भी अब हथियार खरीद सकेंगे फील्ड कमांडर्स,

राजस्व बजट से भी अब हथियार खरीद सकेंगे फील्ड कमांडर्स,

राजस्व बजट से भी अब हथियार खरीद सकेंगे फील्ड कमांडर्स,

ऑपरेशन्ल तैयारियों के लिए रक्षा मंत्रालय ने फील्ड कमांडर्स को नए हथियार और सैन्य साजो सामान खरीदने के लिए 'फाइनेंसियल पावर्स' बढ़ा दी है. खास बात ये है कि जरूरत पड़ने पर फील्ड कमांडर्स अब राजस्व बजट से भी हथियार खरीद सकेंगे.

वर्ष 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के फौरन बाद इस तरह की पावर दी गई थीं लेकिन अब रक्षा मंत्रालय ने इस बावत नई पॉलिसी जारी कर स्थायी अधिकार दे दिया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को नई डेलीगेशन ऑफ फाइनेंसियल पावर टू डिफेंस सर्विसेज़ (डीएफपीडीएस-2021) पॉलिसी को खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जारी किया. इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और रक्षा सचिव, अजय कुमार सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे.

नई पावर थलसेना समेत वायुसेना और नौसेना के कमांडर्स की भी बढ़ा दी गई

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, डीएफपीडीएस के तहत फिल्ड कमांडर्स की वित्तीय शक्तियां अब पांच से दस गुना तक बढ़ा दी गई हैं. वाइस चीफ की फाइनेंशियर पावर दस प्रतिशत तक बढ़ा दी गई हैं. ये नई पावर थलसेना के साथ साथ वायुसेना और नौसेना के कमांडर्स की भी बढ़ा दी गई हैं.

ऑपरेशन्ल तैयारियां बेहतर हो पायेंगी

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस नई पॉलिसी से हेडक्वाटर्स से लेकर फील्ड कमांडर्स (कोर और कमान के चीफ ऑफ स्टाफ तक) तेजी से फै‌सले ले सकेंगे और ऑपरेशन्ल तैयारियां बेहतर हो पायेंगी. नई पॉलिसी के तहत वायुसेना अब एयरक्राफ्ट्स को किराये पर भी ले सकेगी. इनमें एयर टू एयर रिफ्यूलर विमान भी शामिल हैं. प्राकृतिक आपदा के दौरान नौसेना को भी नई पावर दी गई हैं.

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)