होम अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा मोड़, धामी सरकार ने की CBI जांच की सिफारिश, केंद्र को भेजी चिट्ठी

प्रादेशिकीउत्तराखंडअपराध Alert Star Digital Team Jan 13, 2026 04:39 PM

अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा मोड़, धामी सरकार ने की CBI जांच की सिफारिश, केंद्र को भेजी चिट्ठी

उत्तराखंड की धामी सरकार ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश करते हुए केंद्र सरकार को औपचारिक पत्र भेज दिया है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा मोड़, धामी सरकार ने की CBI जांच की सिफारिश, केंद्र को भेजी चिट्ठी

उत्तराखंड की धामी सरकार ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश करते हुए केंद्र सरकार को औपचारिक पत्र भेज दिया है। उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बागैली ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को यह पत्र भेजकर जांच की मांग की है, ताकि इस संवेदनशील मामले में पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।

जनभावना और न्यायिक भरोसे के लिए लिया फैसला

केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव में राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि अंकिता भंडारी प्रकरण लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है और इसको लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में न्यायिक प्रक्रिया पर आम जनता का भरोसा कायम रखने के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाना जरूरी प्रतीत होता है। शासन का मानना है कि सीबीआई जांच से इस केस के सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा संभव हो सकेगी और जनता का विश्वास बना रहेगा।

वायरल ऑडियो और माता-पिता की गुहार के बाद जागी सरकार

सजा सुनाए जाने के बाद भी सीबीआई जांच की सिफारिश के पीछे हालिया घटनाक्रम अहम माने जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इस केस से जुड़े कुछ ऑडियो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे इंटरनेट पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। इन्हीं परिस्थितियों के बीच अंकिता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग रखी थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे मामले में पूरी पारदर्शिता चाहते हैं, ताकि किसी भी तरह की शंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

तीन दोषियों को पहले ही हो चुकी है उम्रकैद

गौरतलब है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई काफी आगे बढ़ चुकी है। निचली अदालत ने मामले के तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा भी सुना दी है। घटना के तुरंत बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की थी और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था। फिलहाल, यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

जल्द मंजूरी का अनुरोध

गृह सचिव ने अपने पत्र में केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच को शीघ्र स्वीकृति दी जाए, जिससे प्रकरण के सभी पहलुओं की गहन जांच हो सके। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट मीडिया पर चल रही खबरों से जो भ्रम फैल रहा है, उसका निवारण आवश्यक है। सरकार ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग देने की बात कही है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)