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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jul 20, 2024 08:45 PM

योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, 100 घनमीटर तक मिट्टी का खनन कर सकेंगे यूपी के लोग, पुलिस नहीं मांगेगी परमिट

योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, 100 घनमीटर तक मिट्टी का खनन कर सकेंगे यूपी के लोग, पुलिस नहीं मांगेगी परमिट

योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, 100 घनमीटर तक मिट्टी का खनन कर सकेंगे यूपी के लोग, पुलिस नहीं मांगेगी परमिट

यूपी में लोग अब महज आनलाइन पंजीकरण कर निजी कार्य के लिए 100 घनमीटर तक मिट्टी का खनन कर सकेंगे। पुलिस और प्रशासन द्वारा मिट्टी खनन पर उनसे परमिट की मांग नहीं की जा सकेगी। इस आशय का आदेश मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने शनिवार को जारी किया है।

इस फैसले से प्रदेश के किसानों, कुम्हारों तथा आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।

यूपी माइन मित्र पर रजिस्ट्रेशन कर कर सकेंगे मिट्टी का खनन

मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में तहसील और थानों के कर्मियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। इस आदेश के मुताबिक 100 घनमीटर तक मिट्टी के खनन और ढुलाई के लिए लोगों को खनन विभाग की वेबसाइट upminemitra.in पर इससे संबंधित आवश्यक सूचना भरनी होगी। रजिस्ट्रेशन की प्रति लेकर लोग बिना किसी रोकटोक के 100 घनमीटर तक मिट्टी का खनन बेखौफ कर सकेंगे। इससे अधिक मिट्टी के खनन और परिवहन के लिए परमिट लिया जाना अनिवार्य रहेगा। यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी दशा में प्रदेश से मिट्टी की खुदाई कर दूसरे प्रदेश में ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

शिकायतें आने पर मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश

शासन के संज्ञान में लगातार इस तरह की शिकायतें आ रही थीं कि जन-सामान्य द्वारा अपने निजी कार्य अथवा सामुदायिक कार्य के लिए अपने खेत से मिट्टी खुदाई कर ले जाने पर पुलिस व प्रशासन द्वारा परमिट की मांग करते हुए रोका जा रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव की तरफ से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

एक ट्राली में आती है तीन घन मीटर मिट्टी

आमतौर पर एक ट्रैक्टर-ट्राली से तीन घनमीटर साधारण मिट्टी की ढुलाई किया जाता है, जिसके आधार पर 100 घनमीटर साधारण मिट्टी की ढुलाई के लिए करीब 33 ट्रैक्टर ट्रालियों का प्रयोग किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली-1963 के नियम-3 के अंतर्गत दो मीटर की गहराई तक सामान्य मिट्टी को निकालने को खनन के तहत नहीं माना गया है। विभाग के द्वारा कई तरह के कार्यों के लिए पर्यावरणीय अनापत्ति से छूट प्रदान की गई है। जैसे कुम्हारों द्वारा मिटटी के बर्तन व खिलौनों को बनाने के लिए मिट्टी का मैनुअल खनन, मैनुअल खनन द्वारा मिट्टी से टाइल्स बनाने के लिए साधारण मिट्टी या बालू की निकासी, ▪️किसानों द्वारा बाढ़ के बाद कृषि भूमि से बालू के जमाव को हटाने और ग्राम पंचायत में अवस्थित स्रोतों से बालू और साधारण मिटटी को वैयक्तिक उपयोग या ग्राम में समुदाय कार्य के लिए खनन की छूट है। ▪️सड़क, पाइपलाइन, आदि परियोजनाओं के लिए साधारण मिटटी की निकासी, ▪️बांधों, तालाबों, मेड़ों, बैराजों, नदी और नहरों की उनके अनुरक्षित तथा आपदा प्रबंधन के प्रयोजन के लिए गाद निकालना तथा ▪️सिंचाई या पेयजल के लिए कुओं की खुदाई आदि के लिए छूट है।

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