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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Mar 14, 2022 09:29 PM

करहल विधानसभा भय के कारण छोड़ रहे है अखिलेश यादव:अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी

करहल विधानसभा भय के कारण छोड़ रहे है अखिलेश यादव:अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी

करहल विधानसभा भय के कारण छोड़ रहे है अखिलेश यादव:अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी

लखनऊ :समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में वहां उपचुनाव कराया जाएगा। इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि वर्ष 2024 में लोकसभा के चुनाव होने हैं और अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मजबूत विकल्प तैयार करने में जुटेंगे। चूंकि अखिलेश आजमगढ़ से सांसद हैं और यहां की जनता ने उन्हें 10 में से 10 विधानसभा सीटें दी हैं, ऐसे में अखिलेश वहां से सांसद बने रहेंगे। जब की पर्दे के पीछे की सच्चाई  कुछ और है वास्तव मे  अखिलेश द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करते वक्त न्यायालय में लम्बित आय से अधिक मामले की जानकारी छिपाई गई थी जिस पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी  ने करहल के रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन सौंपा था सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी   मुलायम परिवार के आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिकाकर्ता हैं। उनका कहना था की  अखिलेश ने मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी    ने यह भी कहा की मेरी शिकायत का जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अब तक निस्तारण नहीं हुआ है, और जब इसकी पड़ताल की जाएगी तो अखिलेश का नामांकन रद्द हो जाएगा यह बात अखिलेश यादव बखूबी जानते है। ज्ञात  हो की  अखिलेश यादव पर एक बार फिर  अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी   हमलावर है  वह कह रहे है की चुनाव नामांकन के दौरान अखलेश यादव ने अपने आपरधिक मामलो को छिपाया है जिससे देर सबेर उनका नामांकन रद्द होना ही है इस लिए वह करहल विधान सभा सीट छोड़ने की बात कह रहे है। ज्ञात हो की विधान सभा चुनाव के ठीक पहले जिस तरह सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी  ने जिस तरह से मुलायम-अखिलेश पर तीखा हमला बोला था और कहा था की समाजावादी सरकार में जब अखिलेश यादव सीएम थे, तब कई सारी फर्जी कंपनियां बनाई गई, और इसमें अवैध ट्रांजेक्शन हुआ। ऐसे 16 कंपनियों की डिटेल इन्होने सीबीआई को भी दिया है। चतुर्वेदी का आरोप था  कि विवेक यादव प्रशांत सिंह और मनोज कुमार सिंह पिसेसिया कंपनी के मालिक हैं और अखिलेश यादव के करीबी हैं। 2012 में यह कंपनी बनी और 2017 तक कंपनी को काम मिला। सीबीआई निदेशक को भेजे गए पत्र में मोनल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जिसके डायरेक्टर अमन बिष्ट, मोनल इंफ्रावेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, पिससेसिया पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड समेत एक दर्जन से अधिक कंपनियों के माध्यम से करोड़ों का वारा न्यारा करने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने जांच की मांग की थी ।इसके अलावा विश्वनाथ चतुर्वेदी ने अर्जी दाखिल कर मुलायम अखिलेश और प्रतीक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में हुई सीबीआइ जाँच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की मांग भी की है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी  की ताबड़तोड़ प्रेस कॉन्फ्रेंस और खुलासे ने भारतीय  जनता पार्टी के मत प्रतिशत मे जहां बढ़ोतरी कर दी वही सपा को भारी  नुक्सान पहुंचाया था। विश्वनाथ चतुर्वेदी की मुहीम  का सीधा लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिला । रही बात करहल की तो वह इस बात का दावा बहुत पहले से कर रहे थे की अखिलेश यादव करहल सीट छोड़ेंगे। वह यह भी कह रहे है की अब वह समय दूर नहीं जब अखिलेश समेत  पूरा कुनबा जेल मे होगा। 
 

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