होम UP Rajya Sabha Election: 10 सीटों पर 12 दावेदार? अखिलेश के ‘सरप्राइज’ से बढ़ा सस्पेंस
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। बीजेपी की ओर से 8 नामांकन फॉर्म खरीदे गए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने 4 फॉर्म लिए हैं।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। बीजेपी की ओर से 8 नामांकन फॉर्म खरीदे गए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने 4 फॉर्म लिए हैं। ऐसे में 10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवार मैदान में उतरने की संभावना बन रही है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही राज्यसभा चुनाव को लेकर ‘सरप्राइज’ देने की बात कह चुके हैं। उनके इस बयान के बाद पार्टी की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जानकारी के मुताबिक, नामांकन के लिए प्रस्तावकों के दस्तखत पूरे हो चुके हैं। मंगलवार सुबह 11 बजे नामांकन किए जाने की बात कही गई है। सपा सूत्रों के अनुसार, नामांकन के दौरान पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे।
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर सपा दो राज्यसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को आसानी से जिता सकती है। इसके बावजूद चार फॉर्म खरीदे जाने से चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर भी चर्चा है।
सबसे ज्यादा चर्चा अखिलेश यादव के उस बयान को लेकर है, जो उन्होंने सोमवार 28 सितंबर को पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया था। राज्यसभा चुनाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा था कि पार्टी ने इस मुद्दे पर सुझाव ले लिए हैं और ‘कुछ सरप्राइज के लिए तैयार रहिये’।
इसके बाद से ही सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स में अलग-अलग नामों पर चर्चा होने की बात सामने आई है, लेकिन पार्टी की ओर से अंतिम उम्मीदवारों की पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए आठ और सपा ने चार नामांकन फॉर्म खरीदे हैं। इस लिहाज से 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवारों के मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि फॉर्म खरीदा जाना अपने आप में अंतिम उम्मीदवार के नामांकन की पुष्टि नहीं करता।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि "समाजवादी पार्टी के सभी सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से तीसरा उम्मीदवार उतारने का अनुरोध किया है. हम वह सीट भी जीतेंगे क्योंकि BJP के अंदर काफी असंतोष है और कई BJP विधायक BJP सरकार से नाराज हैं."
दिए गए चुनावी गणित के अनुसार, सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक हैं, जिनमें 101 सपा और 2 कांग्रेस के विधायक बताए गए हैं। इसके अलावा जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो और तीन निर्दलीय विधायक हैं।
मौजूदा संख्या बल के हिसाब से सपा के लिए दो उम्मीदवारों को जिताना संभव माना जा रहा है। इसके बाद बचने वाले अतिरिक्त वोटों को लेकर तीसरे उम्मीदवार के लिए रणनीति की चर्चा है। हालिया रिपोर्ट्स में भी सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार को उतारने और अतिरिक्त वोटों के सहारे मुकाबला करने की रणनीति का उल्लेख किया गया है।
अब नजर इस बात पर है कि अखिलेश यादव का बताया गया ‘सरप्राइज’ वास्तव में तीसरे उम्मीदवार के रूप में सामने आता है या नामांकन के दौरान सपा की रणनीति में कोई और बदलाव देखने को मिलता है।
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