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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Feb 3, 2024 10:10 PM

वीजा मांगा ही नहीं तो खारिज कैसे? जब नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिकी मंत्री से भिड़े लालकृष्ण आडवाणी

वीजा मांगा ही नहीं तो खारिज कैसे? जब नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिकी मंत्री से भिड़े लालकृष्ण आडवाणी

वीजा मांगा ही नहीं तो खारिज कैसे? जब नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिकी मंत्री से भिड़े लालकृष्ण आडवाणी

अमेरिका ने नरेंद्र मोदी के वीजा देने से इनकार कर दिया है। 2005 में यह खबरें खूब चली थीं और इसे कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने मुद्दा बनाते हुए नरेंद्र मोदी को घेरा था। तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे।

लेकिन यह अधूरा सच था। इसका खुलासा लालकृष्ण आडवाणी ने अपने एक ब्लॉग में किया था, जो उन्होंने 25 मार्च 2012 को लिखा था। आडवाणी ने लिखा था कि 2008 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडालिसा राइस भारत आई थीं तो उस दौरान विपक्ष के नेता के तौर पर उनसे भी मिलने आईं। इस मुलाकात में लालकृष्ण आडवाणी ने यह मसला कोंडालिसा राइस से उठाया था।

भारत रत्न पाने वाले आडवाणी लिखते हैं, 'कोंडालिसा सरकारी यात्रा के दौरान मेरे घर पर आईं। भारत-अमेरिकी संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध इत्यादि विषयों पर चर्चा के अलावा मैंने नरेंद्रभाई मोदी को अमेरिका द्वारा वीजा देने से इनकार का मुद्दा उठाया। मैंने उनसे कहा कि यह शायद पहली बार हुआ होगा, जब दुनिया के विशालतम और जीवंत लोकतंत्र के एक प्रदेश के चुने हुए मुख्यमंत्री को वीजा के लिए इनकार कर दिया गया। लेकिन सबसे ज्यादा आश्चर्य हमें इस बात पर हुआ कि नरेंद्र मोदी द्वारा वीजा मांगा ही नहीं गया था और फिर भी वीजा से इनकार कर दिया गया।'

आडवाणी लिखते हैं, 'मैंने कोंडालिसा को बताया कि मोदी ने मुझे सूचित किया कि मैंने वीजा के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। इस पर राइस ने अपने साथ आए अधिकारियों की ओर देखते हुए पूछा कि क्या यह सही है। उन्होंने कहा कि यह सत्य है। रिपोर्ट एक सीनेटर की ओर से किए गए सवाल पर दिए आधिकारिक उत्तर पर आधारित है।' यही नहीं आडवाणी लिखते हैं कि विडंबना है कि जिस अमेरिकी सरकार ने नरेंद्र मोदी को वीजा देने से इनकार किया था। उसी अमेरिकी कांग्रेस के एक थिंकटैंक ने उनकी सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ की है।

मोदी को आडवाणी का थैंक्यू, भारत रत्न मिलने पर भावुक

बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी का दशकों लंबा साथ रहा है। रामरथ यात्रा हो या फिर मुरली मनोहर जोशी की भारत एकता यात्रा हो, नरेंद्र मोदी ने इन सभी में अहम रोल अदा किया था। यही नहीं 2002 के गुजरात दंगों के बाद जब नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल उठे थे तो वह आडवाणी ही थे, जो उनके समर्थन में थे। कहा जाता है कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी से अड़ते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी को सीएम बने रहना चाहिए। लालकृष्ण आडवाणी ने भारत रत्न दिए जाने के लिए भी नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा है। यही नहीं भारत रत्न मिलने की खबर पर आडवाणी भावुक नजर आए।

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