होम TMC नाम और चुनाव चिह्न पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, Election Commission को मिला 4 महीने का समय
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को मामले का अंतिम निपटारा करने के लिए चार महीने का समय दिया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को मामले का अंतिम निपटारा करने के लिए चार महीने का समय दिया है। पार्टी पर नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के दौरान चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को फिलहाल वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा स्थिति अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकती। अदालत ने चुनाव आयोग को चार महीने के भीतर मामले पर फैसला लेने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि आयोग को तय समय में मामले का निपटारा करने में कोई परेशानी आती है, तो वह अदालत में आवेदन दाखिल कर सकता है।
टीएमसी के मूल नाम और ‘घास-फूल’ चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इसी याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सोमवार तक यह बताने को कहा था कि सिंबल फ्रीज करने के मामले में वह अंतिम फैसला कब तक लेगा। अदालत ने आयोग से मामले का जल्द निपटारा करने को कहा।
ममता बनर्जी गुट की ओर से अदालत में कहा गया कि यदि चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव चिह्न को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लेता है, तो नवंबर में होने वाले कॉरपोरेशन चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को अगली सुनवाई तय की थी। चुनाव आयोग ने उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अंतरिम व्यवस्था की थी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की। ममता बनर्जी गुट की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने कहा कि वो चुनाव रोकने को नहीं कह सकते लेकिन उन्हें पार्टी का मूल नाम और चुनाव चिह्न बनाए रहने दिया जाए. कपिल सिब्बल ने कहा कि ये हमारे अस्तित्व का सवाल है और कोर्ट समुचित उपाय करे.
चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता टीएमसी’ नाम और फुटबॉल प्लेयर चुनाव चिह्न आवंटित किया है। वहीं, बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक टीएमसी’ नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न दिया गया है।
इसी अंतरिम फैसले को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव आयोग को चार महीने के भीतर टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद पर अंतिम निर्णय लेना होगा। 28 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में आयोग को अपनी स्थिति के बारे में अदालत को जानकारी देनी है।
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