होम Gujarat Election से पहले बड़ा सियासी अपडेट! शंकरसिंह वाघेला की Congress में होगी वापसी? खुद बताया क्या हुई बात
गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की संभावित कांग्रेस वापसी को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। वाघेला ने खुद स्वीकार किया है कि कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी बातचीत हुई है।
गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की संभावित कांग्रेस वापसी को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। वाघेला ने खुद स्वीकार किया है कि कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी बातचीत हुई है। वहीं गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भी पुष्टि की है कि इस संबंध में पार्टी हाईकमान के साथ चर्चा चल रही है। वाघेला की संभावित वापसी की खबर के बाद गुजरात के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
एबीपी न्यूज की सहयोगी वेबसाइट एबीपी अस्मिता से फोन पर बातचीत में शंकरसिंह वाघेला ने बताया कि उनकी कांग्रेस आलाकमान के साथ बातचीत हुई है। हालांकि, कांग्रेस में दोबारा शामिल होने को लेकर उन्होंने अभी किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं की है। यानी फिलहाल वाघेला की वापसी को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
शंकरसिंह वाघेला ने कहा, ''मुझे किसी पद या ओहदे की चाहत नहीं है. अगर BJP के खिलाफ लड़ने के लिए समर्थन और सहयोग की जरूरत पड़ी, तो वे इसके लिए तैयार हैं.''
वहीं गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि पार्टी शंकरसिंह वाघेला समेत कई अन्य नेताओं की वापसी को लेकर कांग्रेस आलाकमान के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाघेला की कांग्रेस में वापसी पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान की मंजूरी के बाद ही होगा।
वाघेला की कांग्रेस में संभावित वापसी की चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब उन्होंने सितंबर में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर संकेत दिए थे। उस समय उन्होंने अपनी प्रजा शक्ति पार्टी को दोबारा सक्रिय करने और 2027 का गुजरात विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की तैयारी की बात कही थी।
शंकरसिंह वाघेला ने 2017 में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से अपना संबंध खत्म कर लिया था। उस दौरान कांग्रेस के कई विधायकों ने भी इस्तीफा दिया था। बताया जाता है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर बने मतभेदों के बीच वाघेला ने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया था। अपने लंबे राजनीतिक करियर में वाघेला कई बार अलग-अलग दलों से जुड़े और नए राजनीतिक संगठन बनाकर सक्रिय राजनीति में बने रहे।
शंकरसिंह वाघेला ने 1995 में बीजेपी के खिलाफ बगावत के बाद पार्टी छोड़कर राष्ट्रीय जनता पार्टी (RJP) बनाई थी। इसके बाद वह कांग्रेस के समर्थन से गुजरात के मुख्यमंत्री बने। 1998 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। हालांकि, 2017 में कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने 'जन विकल्प मोर्चा' बनाया। 2019 की शुरुआत में वह एनसीपी में शामिल हुए और 2024 में उन्होंने 'प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी' का गठन किया।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।