होम Jaunpur की छात्रा सुप्रिया ने Crochet Art से बनाया Startup Idea, यूपी राइज 2026 में जीता ₹25,000 का पहला पुरस्कार
उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से ‘यूपी राइज 2026’ एक अहम मंच बनकर उभर रहा है।
उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से ‘यूपी राइज 2026’ एक अहम मंच बनकर उभर रहा है। शुक्रवार को जौनपुर के तिलकधारी पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप और नवाचार से जुड़े विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में कॉलेज की बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा सुप्रिया ने पहला स्थान हासिल किया। उन्हें पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये दिए गए। सुप्रिया ने पारंपरिक क्रोशिया कला को आधुनिक उत्पादों से जोड़कर ऐसा बिजनेस आइडिया पेश किया, जिसे बाजार में नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक प्रयास माना गया।
तिलकधारी पीजी कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता में सुप्रिया ने पारंपरिक क्रोशिया हस्तकला को नए और उपयोगी उत्पादों के रूप में पेश करने की योजना बताई। उनके स्टार्टअप आइडिया में क्रोशिया से फोन कवर, कोस्टर और हेयर क्लिप जैसे सामान तैयार करना शामिल है। निर्णायकों ने उनके विचार को सबसे बेहतर मानते हुए पहला पुरस्कार दिया।
सुप्रिया ने बताया कि वह 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल करेंगी। उनका लक्ष्य पारंपरिक हस्तकला को आधुनिक बाजार से जोड़ना और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। प्रतियोगिता में कौशल को सेकेंड रनर-अप का स्थान मिला, जबकि सुजल को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
‘यूपी राइज 2026’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार के लिए प्रेरित करना था। इसमें कृषि, हस्तशिल्प, मेडिकल, मैनेजमेंट, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित कई क्षेत्रों से जुड़े विचार सामने आए। कार्यक्रम के दौरान कुल 11 स्टार्टअप और नवाचार प्रस्तुत किए गए।
आयोजकों के अनुसार, यह मंच विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को व्यावसायिक रूप देने का अवसर प्रदान कर रहा है। इससे युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के आधार पर कारोबार शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेंटॉर ज्योति तिवारी रस्तोगी, अनुपम रघुवंशी और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह ने किया। इस दौरान ज्योति तिवारी रस्तोगी ने युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और नौकरी मांगने के बजाय दूसरों को रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के पास आगे बढ़ने के लिए ऐसे मंच और सुविधाएं मौजूद हैं, जो पहले के समय में उपलब्ध नहीं थीं।
ज्योति तिवारी रस्तोगी ‘इंजीनियस वर्कज’ की संस्थापक और सीईओ हैं। उन्हें स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल सेक्टर में 15 साल से अधिक का अनुभव है। इसके अलावा, उन्होंने महिला स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में भी काम किया है।
कार्यक्रम के दूसरे मेंटॉर अनुपम रघुवंशी ने विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों को पहचानने और उनमें सुधार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने से पहले बाजार की जरूरतों और संभावित ग्राहकों की मांग को समझना जरूरी है। इसके लिए अच्छी तरह मार्केट रिसर्च करनी चाहिए और नए विचारों को व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ना चाहिए।
अनुपम रघुवंशी करियर हेल्पलाइन के संस्थापक हैं। उन्हें करियर काउंसलिंग, उद्यमिता और नेतृत्व विकास के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने युवाओं को लगातार सीखने, अपनी क्षमताएं विकसित करने और नए अवसरों की तलाश करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में ऑक्टो फ्लो, मशरूम फार्मिंग, क्राफ्ट विद सुप्रिया, कृषि नेत्र, फ्रेश फोल्ड, इंस्टेंट कारीगर, डीजी दुकान और AI ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सहित कई स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए गए। इन विचारों का संबंध कृषि, शिक्षा, तकनीक, आपदा प्रबंधन और उद्योग जैसे क्षेत्रों से था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष ‘शक्ति जोन’ भी बनाया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने सपने और सुझाव लिखे। ‘यूपी राइज 2026’ के इस आयोजन ने युवाओं को अपने विचार सामने रखने और उन्हें भविष्य में कारोबार का रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
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