होम India Census 2027: लिव-इन कपल को मिलेगा शादीशुदा का दर्जा, डिजिटल जनगणना और जाति गणना से बदलेगी देश की तस्वीर

समाचारदेश Alert Star Digital Team Mar 30, 2026 06:09 PM

India Census 2027: लिव-इन कपल को मिलेगा शादीशुदा का दर्जा, डिजिटल जनगणना और जाति गणना से बदलेगी देश की तस्वीर

देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना अब नए स्वरूप में होने जा रही है। सरकार ने जनगणना 2027 को कई बड़े बदलावों के साथ आयोजित करने का फैसला किया है।

India Census 2027: लिव-इन कपल को मिलेगा शादीशुदा का दर्जा, डिजिटल जनगणना और जाति गणना से बदलेगी देश की तस्वीर

देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना अब नए स्वरूप में होने जा रही है। सरकार ने जनगणना 2027 को कई बड़े बदलावों के साथ आयोजित करने का फैसला किया है। इस बार डिजिटल डेटा कलेक्शन, जाति गणना और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर नए प्रावधान लागू किए जाएंगे, जिससे सामाजिक और प्रशासनिक आंकड़ों का स्वरूप पहले से काफी अलग दिखाई देगा।

दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया

सरकार के अनुसार जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में घरों की गिनती, उनकी स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में आबादी से संबंधित विस्तृत डेटा दर्ज किया जाएगा।

पहले चरण यानी हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (HLO) के लिए 33 सवाल तय किए गए हैं, जिन्हें 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली प्रक्रिया के दौरान नागरिकों से पूछा जाएगा। इसमें घर की संरचना, परिवार की स्थिति और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से जुड़े सवाल शामिल होंगे।

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बड़ा फैसला

इस बार जनगणना में सामाजिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। सरकार की FAQ गाइडलाइन के अनुसार, यदि कोई लिव-इन कपल अपने रिश्ते को स्थायी मानता है तो उसे जनगणना में शादीशुदा के रूप में दर्ज किया जाएगा।

गाइडलाइन में स्पष्ट कहा गया है, “क्या लिव-इन रिश्ते में रहने वाले कपल को शादीशुदा माना जाएगा? यदि वे अपने रिश्ते को स्थायी मानते हैं, तो उन्हें शादीशुदा माना जाना चाहिए.”

यह प्रावधान सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल पर जारी FAQs में शामिल किया गया है ताकि लोग आसानी से सही जानकारी दर्ज कर सकें।

पहली बार मिलेगा सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प

जनगणना 2027 में पहली बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा दोनों चरणों — हाउस लिस्टिंग और पॉपुलेशन एन्यूमरेशन — में उपलब्ध रहेगी।

रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर मृत्युञ्जय कुमार नारायण ने बताया कि गणनाकर्ता मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।

कब होगी जनगणना?

सरकार के अनुसार जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि तय की गई है। नारायण ने कहा, “जनगणना की संदर्भ तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है… 28 फरवरी और 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि की स्थिति ही पूरे डेटा का आधार बनेगी.”

हालांकि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों में यह प्रक्रिया अक्टूबर 2026 में ही पूरी कर ली जाएगी।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

इस बार गणनाकर्ता मोबाइल ऐप से लैस फोन लेकर घर-घर जाएंगे और उसी के माध्यम से डेटा दर्ज करेंगे। यह ऐप भारत सरकार की संस्था C-DAC द्वारा तैयार किया गया है। साथ ही पूरी प्रक्रिया की निगरानी, संचालन और प्रगति पर नजर रखने के लिए वेब-आधारित पोर्टल बनाया गया है, जिससे रियल टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।

नारायण ने कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं, जनगणना 2027 में डेटा पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जुटाया जाएगा. गणनाकर्ता और सुपरवाइजर मोबाइल ऐप से लैस फोन लेकर घर-घर जाएंगे और उसी के जरिए जानकारी दर्ज करेंगे. यह ऐप भारत सरकार की संस्था C-DAC ने तैयार किया है. इस बार पहली बार सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी गई है. साथ ही, पूरी जनगणना प्रक्रिया चाहे राज्य स्तर हो या केंद्र स्तर के संचालन, प्रबंधन, निगरानी और ट्रैकिंग के लिए एक वेब-आधारित पोर्टल बनाया गया है, जिससे रियल टाइम में प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी.'

डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी। यह डेटा न तो RTI के तहत साझा किया जाएगा और न ही किसी अदालत में सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

क्यों अहम है जनगणना 2027?

कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना टल गई थी। अब 2027 में होने वाली यह प्रक्रिया देश की नीतियों, विकास योजनाओं और संसाधनों के वितरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नारायण ने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'मैं हर व्यक्ति से अपील करता हूं कि वह खुले मन से जनगणना में भाग लें और सही जानकारी दें.'

स्पष्ट है कि जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि बदलते सामाजिक ढांचे और देश के भविष्य की योजना तैयार करने की बड़ी प्रक्रिया साबित होने वाली है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)