होम पेपर Leak Protest पर बड़ा दावा! Parliament March से पहले क्या सरकार ने CJP से शुरू की बातचीत?
पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच संसद मार्च से ठीक पहले राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने पहली बार उससे बातचीत की पहल की है।
पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच संसद मार्च से ठीक पहले राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने पहली बार उससे बातचीत की पहल की है। हालांकि, इस दावे को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP का कहना है कि सरकार की ओर से संवाद स्थापित करने की कोशिश की गई है। पार्टी लगातार पेपर लीक प्रकरण को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस आंदोलन को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन प्राप्त है। वांगचुक फिलहाल भूख हड़ताल पर हैं और उन्होंने सोमवार को साझा किए गए एक पत्र में कहा कि यदि संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "प्रशासन सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है. वे बहुत देर से आए हैं, लेकिन हमने खुले दिल से कहा है कि हम उनसे बात करने को तैयार हैं. अभी तक उनकी तरफ से कोई साफ बात नहीं कही गई है. अब फैसला उन्हें करना है."
उन्होंने आगे कहा, "सोनम जी, अभी उनकी हालत स्थिर है और वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं. उन्होंने देश के उन युवा प्रदर्शनकारियों को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं जो आख़िरकार इस बहुत मुश्किल और बेजान सिस्टम के ख़िलाफ जाग गए हैं, जो उनकी बात बिल्कुल नहीं सुनता. जल्द ही एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पिछले 30 दिनों से यहां जमा हैं और हमने दिखाया है कि शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध कैसे किया जाता है और अपनी बात कैसे रखी जाती है."
संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर, संसद भवन और नई दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी गई है।
सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार का मुद्दा उठाने का भरोसा देते हैं, तो वह अपना भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। इसके लिए उन्होंने अपने पत्र में तीन शर्तों का भी उल्लेख किया है।
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