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समाचारदेशयूथशिक्षा Alert Star Digital Team Jun 2, 2026 07:10 PM

CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला, OSM विवाद की होगी जांच

केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े विवादों के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है।

CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला, OSM विवाद की होगी जांच

केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े विवादों के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और छात्रों तथा अभिभावकों की शिकायतें सामने आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि OSM प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर बढ़ते विवाद के बाद यह फैसला लिया गया है।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग मामले की जांच के लिए बनी समिति

सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (Inquiry Committee) का गठन किया है। यह समिति पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा करेगी और संभावित अनियमितताओं की जांच करेगी।

जांच समिति की अध्यक्षता कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन (CBC) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपी गई है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अन्य विभागों के अधिकारियों की सहायता लेने का भी अधिकार दिया गया है।

एक महीने में देनी होगी रिपोर्ट

सरकार की ओर से गठित समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी करनी होगी। समिति को अपनी रिपोर्ट एक महीने के अंदर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी होगी।

इसके अलावा समिति के प्रशासनिक और सचिवीय कार्यों में सहयोग की जिम्मेदारी भी कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन को दी गई है।

क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?

ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है, जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा जाता है। सीबीएसई का दावा है कि इस तकनीक से मूल्यांकन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और निष्पक्ष बनती है।

बोर्ड का कहना है कि डिजिटल जांच के जरिए मानवीय त्रुटियों को कम किया जा सकता है और परिणाम समय पर जारी करने में मदद मिलती है।

छात्रों और अभिभावकों ने उठाए कई सवाल

हालांकि इस प्रणाली के लागू होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनका आरोप है कि पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation) और अंक सत्यापन की प्रक्रिया में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

कुछ छात्रों का दावा है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के अनुरूप अंक नहीं दिए गए, जबकि कुछ ने यह आरोप भी लगाया कि मूल्यांकन के दौरान जिस कॉपी की जांच दिखाई गई, वह उनकी उत्तर पुस्तिका नहीं थी।

तकनीकी खामियों को लेकर भी शिकायतें

OSM प्रणाली को लेकर कई तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। इनमें उत्तर पुस्तिकाओं का ठीक से स्कैन न होना, डिजिटल मूल्यांकन के दौरान तकनीकी बाधाएं, अंकों की एंट्री में संभावित त्रुटियां और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवाल शामिल हैं।

अभिभावकों का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन में किसी त्रुटि की स्थिति में उसकी पहचान करना और उसे साबित करना पारंपरिक व्यवस्था की तुलना में अधिक कठिन हो जाता है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी सभी की नजरें

CBSE के शीर्ष अधिकारियों के तबादले और जांच समिति के गठन के बाद अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की निगाहें समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्ष आने के बाद OSM प्रणाली में सुधार और भविष्य की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

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