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समाचारदेश Alert Star Digital Team Dec 28, 2024 11:04 PM

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार पर अब घमासान, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए ये आरोप

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार पर अब घमासान, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए ये आरोप

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार पर अब घमासान, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए ये आरोप

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार के स्थल और फिर स्मारक बनाने को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार में घमासान मचा हुआ था. अब पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम संस्कार के दौरान कांग्रेस ने कुप्रबंधन का आरोप लगाया है. इस बाबत कांग्रेस के आला नेता पवन खेड़ा ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है.बता दें कि शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का राजकीय सम्मान के साथ निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार किसी निर्धारित स्थान पर नहीं किया गया, जहां बाद में उनका स्मारक बन सकता था, हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि डॉ मनमोहन सिंह का दिल्ली में स्मारक बनाया जाएगा. परिवार को इसकी जानकारी दे दी गई है.कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल साइट एक्स पर ट्वीट कर कहा कि डॉ मनमोहन सिंह का राजकीय अंतिम संस्कार अनादर और कुप्रबंधन का चौंकाने वाला प्रदर्शन था. उन्होंने कहा कि डीडी को छोड़कर किसी भी समाचार एजेंसी को अनुमति नहीं दी गई; डीडी ने मोदी और शाह पर ध्यान केंद्रित किया, डॉ मनमोहन सिंह के परिवार को बमुश्किल कवर किया.उन्होंने कहा कि डॉ सिंह के परिवार के लिए आगे की पंक्ति में केवल 3 कुर्सियां रखी गईं. कांग्रेस नेताओं को उनकी बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए सीटों पर जोर देना पड़ा. दिवंगत प्रधानमंत्री की विधवा को राष्ट्रीय ध्वज सौंपे जाने या तोपों की सलामी के दौरान प्रधानमंत्री और मंत्री खड़े नहीं हुए.पवन खेड़ा ने कहा कि एक तरफ सैनिकों के होने के कारण परिवार को चिता के चारों ओर अपर्याप्त स्थान दिया गया. उन्होंने कहा कि आम लोगों को बाहर रखा गया, उन्हें कार्यक्रम स्थल के बाहर से ही देखना पड़ा.
कांग्रेस नेता ने लगाए ये आरोप
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों की गाड़ियां बाहर खड़ी रहीं. गेट बंद था, और परिवार के सदस्यों को ढूंढ़कर वापस अंदर लाना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ सिंह के पोते-पोतियों को अंतिम संस्कार करने के लिए चिता तक पहुंचने के लिए जगह की तलाश करनी पड़ी. उन्होंने कहा कि राजनयिक कहीं और बैठे थे और दिखाई नहीं दे रहे थे.उन्होंने कहा कि पूरा अंतिम संस्कार क्षेत्र तंग और खराब तरीके से व्यवस्थित था, जिससे जुलूस में शामिल कई लोगों के लिए जगह नहीं बची. एक महान राजनेता के साथ यह अपमानजनक व्यवहार सरकार की प्राथमिकताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान की कमी को उजागर करता है. डॉ सिंह सम्मान के हकदार थे, इस शर्मनाक तमाशे के नहीं.

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