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समाचारदेश Alert Star Digital Team Dec 19, 2024 11:37 PM

महाराष्ट्र में अवैध बैनर-होर्डिंग को स्थिति भयावह: हाई कोर्ट

महाराष्ट्र में अवैध बैनर-होर्डिंग को स्थिति भयावह: हाई कोर्ट

महाराष्ट्र में अवैध बैनर-होर्डिंग को स्थिति भयावह: हाई कोर्ट

महाराष्ट्र में अवैध होर्डिंग और बैनर की बढ़ती संख्या को बॉम्बे हाई कोर्ट ने भयावह और दुखद स्थिति करार दिया है. हाई कोर्ट पिछले कई साल से अवैध बैनर और होर्डिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दे रहा है. राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करने का आश्वासन देते हुए एक हलफनामा दाखिल करने के लिए भी कह चुका है कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता ऐसी होर्डिंग नहीं लगाएंगे.हाई कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और जस्टिस अमित बोरकर की खंडपीठ ने एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों को नोटिस जारी कर निर्देश दिया कि वो बताएं कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए.
राजनीतिक पार्टियां इस पर खरा नहीं उतरी हैं
पीठ ने कहा कि कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में राजनीतिक दलों के हलफनामों को रिकॉर्ड में लिया था. हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि राजनीतिक पार्टियां इस पर खरा नहीं उतरी हैं. कोर्ट ने कहा कि हम राजनीतिक दलों को नोटिस जारी कर ये वजह बताने को कहते हैं कि 2017 में दिए गए फैसले की अवहेलना के लिए उनके खिलाफ अवमानना के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए.
इससे अधिक भयावह क्या हो सकता है?
पीठ ने कहा कि चुनाव के बाद राज्य में अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टरों की संख्या में इजाफा हुआ है. इससे अधिक भयावह क्या हो सकता है? 2017 के फैसले में अवैध होर्डिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश था. मगर, देखिए हम किस दिशा में जा रहे हैं. यह बहुत दुखद स्थिति है. इस मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी 2025 को होगी.एक अन्य बदलापुर मामले में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि मामले में मृत आरोपी के परिजनों को सजा क्यों दी जा रही है. सरकार मदद करे. कोर्ट ने कहा कि बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी के माता-पिता को सजा नहीं देनी चाहिए. कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या सरकार उनके आश्रय और रोजगार की व्यवस्था कर सकती है?

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