होम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फ्यूचर रिटेल ने कहा, कानून में कुछ उपाय बाकी हैं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फ्यूचर रिटेल ने कहा, कानून में कुछ उपाय बाकी हैं
फ्यूचर रिटेल ने शुक्रवार को कहा कि कानून में ऐसे उपाय उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल वह अमेजन के साथ मध्यस्थता अवार्ड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद करेगी।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अन्य बातों के साथ-साथ यह कहते हुए अपना निर्णय पारित किया कि आपात निर्णायक का आदेश धारा 17 (1) के तहत आने वाला आदेश है इसे मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम की धारा 17 (2) के तहत लागू करने योग्य है।
इस तरह के निर्णय के खिलाफ अधिनियम की धारा 17(2) के तहत अपील नहीं की जा सकती है।
फ्यूचर रिटेल ने कहा, निर्णय आपातकालीन मध्यस्थ के आदेश की प्रवर्तनीयता से संबंधित दो सीमित बिंदुओं को संबोधित करता है न कि विवादों के गुणों को। फैसले की पूरी कॉपी का इंतजार है। एफआरएल को सलाह दी जाती है कि उसके पास कानून में उपलब्ध उपाय हैं, जिनका वह प्रयोग करेगा।
कंपनी ने कहा, आर्ब्रिटल ट्रिब्यूनल ने इन सवालों पर सुनवाई समाप्त कर दी है : (1) क्या आपातकालीन मध्यस्थ का अंतरिम अवार्ड जारी रहना चाहिए। (2) क्या एफआरएल मध्यस्थता की कार्यवाही में एक पक्ष है।
कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में कहा, आर्ब्रिटल ट्रिब्यूनल के फैसले का इंतजार है। एफआरएल अपने हितधारकों कार्यबल के हितों की रक्षा के लिए सौदे को समाप्त करने के लिए सभी उपलब्ध रास्ते तलाशने का इरादा रखता है।
बता दें कि अमेजन-फ्यूचर-रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। मामले में रिलायंस फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) को झटका लगा है। रिलायंस व फ्यूचर रिटेल के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के मामले में अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की बड़ी जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिंगापुर के इमरजेंसी आर्ब्रिटेटर का फैसला भारत में लागू करने योग्य है। यह भारतीय कानूनों के तहत वैध है। इमरजेंसी आर्ब्रिटेटर ने इस सौदे पर रोक लगाई थी। रिलायंस रिटेल के साथ फ्यूचर के सौदे पर रोक लग गई है। रिलायंस-फ्यूचर डील के खिलाफ अमेजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है।
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