होम गुजरात के 33 जिलों, 248 तहसीलों में कोरोना वैक्‍सीन के भंडारण की तैयारी शुरू

समाचारखेल Alert Star Digital Team Dec 4, 2020 09:17 PM

गुजरात के 33 जिलों, 248 तहसीलों में कोरोना वैक्‍सीन के भंडारण की तैयारी शुरू

गुजरात के 33 जिलों, 248 तहसीलों में कोरोना वैक्‍सीन के भंडारण की तैयारी शुरू

गुजरात के 33 जिलों, 248 तहसीलों में कोरोना वैक्‍सीन के भंडारण की तैयारी शुरू

अहमदाबाद। गुजरात में कोरोना टीका के भंडारण व वितरण के लिए सरकार ने तैयारी शुरू दी है। शहर से गांव तक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। कोल्ड चैन पॉइंट का तकनीकी ऑडिट पूर्ण कर लिया है। उधर विशेषज्ञों ने कोरोना के लिए एचआरसीटी स्केन को खतरनाक बताया है।

गुजरात के सभी 33 जिले, 248 तहसीलों के साथ महानगर व जोन स्तर पर भी कोरोना टीका के भंडारण की व्यवस्था की गई है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक टीका पहुंचाने के लिए 2189 कोल्ड स्टोर की व्यवस्था की गई है। मुख्य सचिव डॉ अनिल मुकीम की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में कोरोना टीका के भंडारण, वितरण व कोल्ड चैन पॉइंट की तैयारियों पर चर्चा हुई। गुजरात में कॉल्ड चैन पॉइंट की तकनीकी ऑडिट पूर्ण कीजा चुकी है। प्रथम चरण में राज्य के सरकारी व गैरसरकारी 3 लाख 96 हजार स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा जबकि दूसरे चरण में सफाई कर्मी व फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स का टीकाकरण होगा।

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ पंकज अमीन ने कहा है कि कोरोना के लिए हाई रिजोल्युशन कंप्यूटर ट्रोमोग्राफी [एचआरसीटी] स्केन की जरूरत नहीं है। इससे रोगी की छाती को 1000 एक्स रे रेडिएशन को झेलना पडता है जो खतरनाक हो सकता है। राज्य सरकार खुद कोरोना के लिए रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन [आरटी-पीसीआर] व रेपीड एंटीजन टेस्ट को ही प्राथमिकता देती है। एचआरसीटी स्केन फैंफडों में वायरस के असर को जांचने के लिए होता है लेकिन कोरोनाके प्रथम चरण में इस टेस्ट की कोई जरुरत नहीं रहती है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)