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भारत में कोरोना मृत्यु दर घटकर 1.5 प्रतिशत हुई
भारत ने इस वैश्विक महामारी के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। कोरोना मृत्यु दर (सीएफआर) घटकर 1.5 प्रतिशत से भी कम हो गई है। लगातार कमी के बाद सीएफआर आज 1.49 प्रतिशत पर पहुंच गई है। भारत में प्रति मिलियन आबादी पर मृतकों की संख्या भी अब काफी कम होकर 88 रह गई है।
केंद्र सरकार की अगुवाई वाली टेस्ट ट्रेस, ट्रैक, ट्रीट की रणनीति ने व्यापक देखभाल के दृष्टिकोण के आधार पर प्रभावी संगरोध रणनीति, आक्रामक परीक्षण और मानकीकृत नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल पर ध्यान केंद्रित किया है जिसमें खून को पतला करने वाली दवा और गैर-आक्रामक ऑक्सीजन का उपयोग शामिल है। राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों द्वारा प्रभावी कार्यान्वयन के तहत अस्पताल में भर्ती लोगों की शीघ्र पहचान, त्वरित पृथकवास और समय पर नैदानिक प्रबंधन के द्वारा सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इन कदमों की बदौलत यह सुनिश्चित हो गया है कि भारत में कोविड-19 से मृत्यु दर बहुत कम है और यह काबू में भी है।
भारत में मृत्यु दर विश्व में सबसे कम है। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान 551 मरीजों की मौत हुई है। प्रतिदिन मौत की संख्या में स्थिर और लगातार गिरावट देखा जा रहा है।
कोविड के प्रबंधन और रोकथाम नीति के तहत, एक अनूठी पहल यह की गई है कि गंभीर मरीजों में मौत की संभावना कम करने की दिशा में नैदानिक प्रबंधन के लिए आईसीयू डॉक्टरों की क्षमता का निर्माण करने हेतु नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ई-आईसीयू सेवा शुरू की गई है। सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को राजकीय अस्पतालों में आईसीयू डॉक्टरों के लिए जानकारी के आदान-प्रदान हेतु डोमेन विशेषज्ञों द्वारा टेली/वीडियो के जरिए परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों की शुरूआत 8 जुलाई 2020 से हो चुकी है।
इसके परिणामस्वरूप, 23 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में सीएफआऱ राष्ट्रीय औसत से कम दर्ज हुआ है।
कोरोना से मरने वाले मरीजों में 65 प्रतिशत केवल 5 राज्यों में ही दर्ज हैं। इस महामारी से मरने वालों में सबसे अधिक महाराष्ट्र से 36 प्रतिशत हैं।
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