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भारत दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे आकर्षक और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे आकर्षक और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। प्रमुख वैश्विक तेल और गैस कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से लड़ने के प्रयास जारी रखे हुए है। भारत दुनिया के अन्य औद्योगिक देशों की तुलना में भारत से सबसे कम कार्बन उत्सर्जित करता है। कम कार्बन उत्सर्जन के साथ ही भारत का ऊर्जा क्षेत्र विकास केंद्रित, उद्योग अनुकूल और पर्यावरण के प्रति जागरूक है। यही कारण है कि भारत ऊर्जा के अक्षय स्रोत को आगे बढ़ाने में सबसे सक्रिय राष्ट्रों में से एक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा वैश्विक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए काम करता है और वैश्विक समुदाय के साथ की गई अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए तैयार है। भारत ने 2022 तक अक्षय ऊर्जा स्थापित करने की क्षमता को 175 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। 2030 तक इस लक्ष्य को 450 गीगावॉट तक बढ़ा दिया गया है।
केरावीक द्वारा आयोजित इंडिया एनर्जी फोरम में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आने वाले समय दुनिया में ऊर्जा की मांग को आगे बढ़ायेगा। कोरोना के चलते इस साल ऊर्जा की मांग में एक-तिहाई की कमी आई है, कीमतों में उतार-चढ़ाव हुआ है और निवेश के निर्णय प्रभावित हुए हैं। आने वाले कुछ वर्षों में भी ऊर्जा की मांग में कमी आएगी। वहीं दूसरी ओर भारत आने वाले समय में अपने ऊर्जा के उपभोग को दोगना करने वाला है। एक वैश्विक एजेंसी ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में भी दुनिया भर में ऊर्जा की मांग कम रहेगी, लेकिन भारत ऊर्जा के एक बहुत बड़े उपभोक्ता के रूप में उभरेगा।
अपनी सरकार की ओर से ऊर्जा क्षेत्र में किए गए रिफार्म का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका प्रयास ऊर्जा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विश्व अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ायेगा जिसके मूल में ऊर्जा सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि 2025 तक भारत की गैस शोधन क्षमता लगभग 250 से 400 एमएमटी प्रति वर्ष तक बढ़ जाएगी। घरेलू गैस का उत्पादन बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता भी रही है। हम वन नेशन, वन गैस ग्रिड को प्राप्त करने और गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर शिफ्ट होने की योजना बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए सात बिन्दूओं को आधार बनाकर काम कर रहा है। यह हैं गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के हमारे प्रयासों में तेजी लाना, जीवाश्म ईंधन, विशेष रूप से पेट्रोलियम और कोयले का स्वच्छ उपयोग करना, जैव ईंधन के लिए घरेलू स्रोत पर अधिक निर्भरता लाना, 2030 तक 450 गीगावॉट के अक्षय ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करना, परिवहन के लिए बिजली के योगदान बढ़ाना और हाइड्रोजन सहित उभरते हुए ईंधनों की ओर बढ़ना।
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