होम विपक्ष के हंगामे के बाद चीन के मुद्दे पर कल सवालों के जवाब दे सकते हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

समाचारदेश Alert Star Digital Team Sep 16, 2020 09:32 PM

विपक्ष के हंगामे के बाद चीन के मुद्दे पर कल सवालों के जवाब दे सकते हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

विपक्ष के हंगामे के बाद चीन के मुद्दे पर कल सवालों के जवाब दे सकते हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

विपक्ष के हंगामे के बाद चीन के मुद्दे पर कल सवालों के जवाब दे सकते हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

लद्दाख में भारत और चीन के बीच एलएसी पर जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को विपक्ष गुरुवार को विपक्ष के सवालों के जवाब दे सकते हैं। सरकार ने आखिरकार संसद के उस सत्र में स्पष्टीकरण देने पर सहमति जताई है, जिसमें बेहद कम चर्चा होने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। रक्षा मंत्री दोपहर को राज्यसभा में चीन के एलएसी पर उकसाने वाले कदमों और इसे लेकर भारत की ओर से किए गए उपायों के बारे में बोल सकते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में लद्दाख मसले को लेकर सीमा पर बने तनाव के बारे में विस्तृत बयान दिया था।

रक्षा मंत्री ने कहा था, ''सरकार की विभिन्न खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय का एक विस्तृत और समय परीक्षण तंत्र है, जिसमें केंद्रीय केंद्रीय पुलिस बल और तीनों सशस्त्र बल की खुफिया एजेंसियां शामिल हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में लद्दाख का दौरा कर हमारे बहादुर जवानों से मुलाकात की और उन्होंने यह संदेश भी दिया था कि समस्त देशवासी अपने वीर जवानों के साथ खड़े है।'' उन्होंने कहा, ''मैंने भी लद्दाख जाकर अपने शूरवीरों के साथ कुछ समय बिताया है और मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि मैंने उनके अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को महसूस किया है। अप्रैल से पूर्वी लद्दाख की सीमा पर चीन की सेनाओं की संख्या तथा उनके युद्ध सामाग्री में वृद्धि देखी गई. मई महीने की के प्रारंभ में चीन ने गलवान घाटी क्षेत्र में हमारी ट्रूप्स के नॉर्मल, पारंपरिक गश्त पैटर्न में व्यवधान शुरू किया जिसके कारण फेस-ऑफ की स्थिति उत्पन्न हुई।'

राजनाथ सिंह ने कहा था, ''एलएसी पर टकराव बढ़ता हुआ देखकर दोनों तरफ के सैन्य कमांडरों ने 6 जून 2020 को मीटिंग की। इस बात पर सहमति बनी कि पारस्परिक क्रिया के द्वारा disengagement किया जाए। दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि एलएसी को माना जाएगा तथा कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे status-quo बदले।' उन्होंने कि इस सहमति के उल्लंघन में चीन द्वारा एक हिंसक फेस ऑफ की स्थिति 15 जून को गलवान में क्रिएट की गई। हमारे बहादुर सिपाहियों ने अपनी जान का बलिदान दिया पर साथ ही चीनी पक्ष को भी भारी क्षति पहुचाई और अपनी सीमा की सुरक्षा में कामयाब रहे। इस पूरी अवधि के दौरान हमारे बहादुर जवानों ने, जहां संयम की जरूरत थी वहां संयम रखा तथा जहां शौर्य की जरुरत थी, वहां शौर्य प्रदर्शित किया। मैं सदन से यह अनुरोध करता हूं कि हमारे दिलेरों की वीरता एवं बहादुरी की भूरि-भूरि प्रशंसा करने में मेरा साथ दें.रक्षा मंत्री ने कहा कि सीमा पर जवान पूरी तरह से सतर्क है। भारत चाहता है कि बातचीत से मसला सुलझे। उन्होंने बताया कि मॉस्को में चीन के रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात में मैंने सभी बातों को मजबूती के साथ रखा। अगर चीन अपनी सेना वहां से हटा ले तो बात बन सकती है। अभी हालात अलग हैं और भारत हर तरह के हालातों से निपटने के लिए तैयार है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)