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कृषि अध्यादेशों से देश में ईस्ट इंडिया कंपनी बना रही है केंद्र सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने कृषि उपज के क्रय-विक्रय से संबंधित तीन अध्यादेशों के खिलाफ शनिवार को विरोध जताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इनके माध्यम से देश में 'ईस्ट इंडिया कंपनी' बना रही है और यह सब खेती-किसानी को बड़े उद्योगपतियों के हाथों गिरवी रखने का षड्यंत्र है।कांग्रेसपार्टी महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस इन अध्यादेशों का सड़क पर पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी मानसून सत्र के दौरान संसद में भी इन अध्यादेशों का विरोध करेगी और इस मुद्दे पर दूसरे विपक्षी दलों को भी साथ लेने का प्रयास करेगी। केंद्र ने हाल ही में तीन अध्यादेश जारी किए हैं। इनमें कृषि उत्पाद व्यापार व वाणिज्य (संवर्द्धन व सरलीकरण) अध्यादेश, किसान (सशक्तिकरण व संरक्षण) मूल्य आश्वासन समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश व आवश्यक वस्तु (संशोधन) शामिल हैं। कई किसान संगठन इनका विरोध कर रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने खेतों और अनाज मंडियों पर तीन अध्यादेशों का क्रूर प्रहार किया है। ये काले कानून देश में खेती व करोड़ों किसानों, मजदूरों व आढ़तियों को खत्म करने की साजिश के दस्तावेज हैं। खेती-किसानी को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का यह सोचा-समझा षडयंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पूंजीपति मित्रों के जरिए ईस्ट इंडिया कंपनी बना रही है। किसान को लागत+50 प्रतिशत मुनाफे का सपना दिखा कर सत्ता में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन अध्यादेशों के माध्यम से खेती के खात्मे का पूरा उपन्यास ही लिख दिया है।
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