होम बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला, हाईकोर्ट ने स्पीकर जोशी और MLA को थमाया नोटिस

समाचारअर्थ व बाजार Alert Star Digital Team Jul 30, 2020 09:15 PM

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला, हाईकोर्ट ने स्पीकर जोशी और MLA को थमाया नोटिस

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला, हाईकोर्ट ने स्पीकर जोशी और MLA को थमाया नोटिस

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला, हाईकोर्ट ने स्पीकर जोशी और MLA को थमाया नोटिस

 राजस्थान में पिछले तीन सप्ताह से जारी सियासी ड्रामे में आज उस समय एक नया मोड़ आ गया, जब राजस्थान हाईकोर्ट भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस में शामिल हुए बसपा के 6 विधायकों और विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को नोटिस भेजकर 11 अगस्त तक जवाब देने को को कहा।

कोर्ट ने विधानसभा सचिव को भी नोटिस भेजा है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने राजस्थान हाईकोर्ट के 24 जुलाई के यथास्थिति बनाए रखने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, वहीं दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बसपा ने पार्टी के साथ धोखा करने वाले इन छह विधायकों और कांग्रेस को सबक सिखाने का निश्चय कर लिया है।

बसपा आज विधानसभाध्यक्ष को इन विधायकों की सदस्यता बर्खास्त करने की याचिका पेश करेगी। बसपा प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी बसपा ने चुनाव आयोग और स्पीकर से अपील की थी। उस समय चुनाव आयोग ने उक्त मामला उनके अधिकार क्षेत्र का ना होने के कारण याचिका को खारिज कर दिया था।

अब हम विधानसभाध्यक्ष से कहेंगे कि विधायकों का कांग्रेस में विलय असंवैधानिक है।उल्लेखनीय है कि राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), लखन सिंह (करौली), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर भरतपुर) आदि सभी 6 विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास की बात कहकर 9 माह पूर्व कांग्रेस में शामिल हो गये थे।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)