होम सावरकर को लेकर शिवसेना पर फूटा फड़नवीस का गुस्सा, बोले- कब तक सहती रहेगी अपमान
सावरकर को लेकर शिवसेना पर फूटा फड़नवीस का गुस्सा, बोले- कब तक सहती रहेगी अपमान
भाजपा नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस (Devendra Fadnavis) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से कांग्रेस सेवा दल (Congress Seva Dal) की ओर से वितरित उस किताब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जिसमें विनायक दामोदर सावरकर (Veer Savarkar) की देशभक्ति पर सवाल उठाया गया है। फड़नवीस ने प्रश्न किया कि क्या सत्ता के लिए शिवसेना बार-बार अपने 'देवता' सावरकर का अपमान सहती रहेगी।
मध्य प्रदेश में आयोजित शिविर में कांग्रेस सेवा दल ने 'वीर सावरकर, कितने वीर?' शीर्षक से एक किताब वितरित की थी। किताब में आरोप लगाया गया है कि अंडमान की सेल्युलर जेल से रिहा होने के बाद सावरकर ने ब्रिटिश सरकार से पेंशन हासिल की थी। इसके अलावा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और सावरकर के बीच समलैंगिक संबंध थे।
विकृत मानसिकता का प्रदर्शन
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए फड़नवीस ने कहा कि ऐसी किताब वितरित करके कांग्रेस ने अपनी विकृत मानसिकता प्रदर्शित की है और यह उसकी बौद्धिक दिवालिएपन को दिखाती है। भाजपा इस किताब की कड़ी निंदा करती है। अगर आदरणीय हिंदूहृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे होते तो वह अपनी ठेठ शैली में प्रतिक्रिया करने वाले पहले व्यक्ति होते।
स्मृति ईरानी का सवाल
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सवाल किया, 'महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दलों में से एक कांग्रेस को मराठी लोगों और देश के सभी राष्ट्रभक्तों को बताना होगा कि वह कब तक वीर सावरकर के बलिदान का अपमान करती रहेगी। आखिर कांग्रेस सावरकर का अपमान करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार क्यों समझती है?'
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