होम Allahabad High Court: वकील को जेल भेजने के आदेश पर बवाल, कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़ और नारेबाजी से बढ़ा तनाव

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 28, 2026 06:25 PM

Allahabad High Court: वकील को जेल भेजने के आदेश पर बवाल, कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़ और नारेबाजी से बढ़ा तनाव

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अधिवक्ता के कथित अपमान को लेकर बार और बेंच के बीच तनाव बढ़ गया है। नाराज वकीलों ने कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़ की और हाईकोर्ट परिसर के बाहर नारेबाजी कर विरोध जताया।

Allahabad High Court: वकील को जेल भेजने के आदेश पर बवाल, कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़ और नारेबाजी से बढ़ा तनाव

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अधिवक्ता के कथित अपमान को लेकर बार और बेंच के बीच तनाव बढ़ गया है। नाराज वकीलों ने कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़ की और हाईकोर्ट परिसर के बाहर नारेबाजी कर विरोध जताया। यह विवाद एक अधिवक्ता को जेल भेजने के आदेश के बाद सामने आया। वकीलों ने न्यायमूर्ति के कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए न्यायिक कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया है। घटना के बाद अदालत परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

क्या है इलाहाबाद हाईकोर्ट में विवाद का पूरा मामला?

यह पूरा मामला मंगलवार, 27 अक्टूबर को हुई एक घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। उस दिन किसी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में तलब किया गया था। कोर्ट नंबर 49 में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अजय भनोट ने अधिकारियों के बैठने के लिए अगली पंक्ति में कुर्सियों की व्यवस्था कराई थी।

आरोप है कि एसपी सरकारी अधिवक्ता की कुर्सी पर बैठ गए। वहां मौजूद एक अधिवक्ता ने कथित तौर पर उन्हें दूसरी पंक्ति में बैठने के लिए कहा। वकीलों के मुताबिक, न्यायमूर्ति अजय भनोट के अदालत में आने के बाद एसपी ने इस घटनाक्रम की शिकायत की। इसके बाद मामला बढ़ गया।

अधिवक्ता को जेल भेजने के आदेश से बढ़ा आक्रोश

अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसपी की शिकायत के बाद न्यायमूर्ति अजय भनोट ने संबंधित अधिवक्ता को जेल भेजने का आदेश दिया। वकीलों के मुताबिक, अधिवक्ता की ओर से माफी मांगे जाने के बाद न्यायमूर्ति ने एसपी से भी माफी मंगवाई।

इस घटनाक्रम को लेकर वकीलों में नाराजगी बढ़ गई। उनका कहना है कि न्यायालय में अधिवक्ताओं के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। हालांकि, मामले में सामने आए घटनाक्रम और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी श्रीवास्तव का मजाक उड़ाने का भी आरोप

विवाद के बीच अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति पर वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी श्रीवास्तव का मजाक उड़ाने का आरोप भी लगाया। वकीलों ने इसे अधिवक्ताओं के सम्मान और पेशेवर गरिमा से जुड़ा मामला बताया और विरोध शुरू कर दिया।

इस मामले में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सीपी उपाध्याय और महासचिव संतोष कुमार मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की। हालांकि, पत्र भेजे जाने के बाद भी अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत नहीं हुआ।

कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़, परिसर के बाहर नारेबाजी

विरोध बढ़ने के बाद नाराज अधिवक्ताओं ने कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़ की और हाईकोर्ट परिसर के बाहर नारेबाजी की। वकीलों ने न्यायिक कार्य के बहिष्कार का ऐलान करते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग उठाई।

इस घटनाक्रम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बार और बेंच के बीच संबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस विवाद में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और अधिवक्ताओं की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)