होम हाई कोर्ट ने कहा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, वहां की डिग्री भी दूसरी जगहों की तरह ही मान्य

समाचारदेश Alert Star Digital Team Nov 2, 2020 08:39 PM

हाई कोर्ट ने कहा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, वहां की डिग्री भी दूसरी जगहों की तरह ही मान्य

हाई कोर्ट ने कहा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, वहां की डिग्री भी दूसरी जगहों की तरह ही मान्य

हाई कोर्ट ने कहा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, वहां की डिग्री भी दूसरी जगहों की तरह ही मान्य

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है इसलिए इस राज्य की डिग्री या डिप्लोमा धारक को नियुक्ति देने से इस आधार पर मना ‌नहीं किया जा सकता है कि ये एक अलग और विशेष दर्जा प्राप्त राज्य की डिग्री है और एनसीटीई के निर्देश इस पर लागू नहीं होते हैं. कोर्ट ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में जम्मू कश्मीर से शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री लेने वाली याची सोनिया की नियुक्ति पर पुनः विचार करने का बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है.

 

एनसीटीई एक्ट लागू नहीं होता
ये आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने दिया है. याची के अधिवक्ता का कहना था कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग का डिप्लोमा कोर्स किया था. उसे 18 अप्रैल 2019 को बागपत में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति भी दे दी गई. बाद में 23 मार्च 2020 को उसकी नियुक्ति ये कहते हुए रद कर दी गई कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर राज्य से टीचर्स ट्रेनिंग का डिप्लोमा लिया है जो एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य है और वहां पर एनसीटीई एक्ट लागू नहीं होता है.

 

चार सप्ताह में विचार करने का दिया निर्देश
अधिवक्ता ने पूर्व में भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी व अन्य के मामले में इसी हाई कोर्ट की तरफ से पारित निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के नागरिकों को इस आधार पर नहीं रोका जा सकता है कि एनसीटीई एक्ट उस राज्य में लागू नहीं होता है. अब अनुच्छेद 370 और 35 ए भी समाप्त हो चुके हैं. कोर्ट ने पूर्व निर्णय के आलोक में परिषद को याची की नियुक्ति पर चार सप्ताह में विचार करने का निर्देश दिया है.

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)